वॉशिंगटन D.C. | अंतरराष्ट्रीय डेस्क: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की नीतियों के खिलाफ अमेरिका में विरोध की लहर तेज हो गई है। बीते शनिवार, 28 मार्च को 'No Kings' आंदोलन के तहत पूरे अमेरिका में एक विशाल देशव्यापी प्रदर्शन किया गया। कैलिफोर्निया से लेकर वॉशिंगटन D.C. तक, लाखों लोगों ने 3,000 से अधिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर सरकार के फैसलों पर अपनी नाराजगी जाहिर की।
दिग्गज हस्तियों ने भरी हुंकार
मिनेसोटा के सेंट पॉल में आयोजित मुख्य रैली आकर्षण का केंद्र रही, जहाँ राजनीति और कला जगत के बड़े नाम एक मंच पर नजर आए:
प्रमुख नेता: मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज, सीनेटर बर्नी सैंडर्स और प्रतिनिधि इल्हान उमर ने भीड़ को संबोधित किया।
कलाकार: मशहूर अभिनेत्री जेन फोंडा और ग्रैमी विजेता गायक ब्रूस स्प्रिंगस्टीन ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। स्प्रिंगस्टीन ने अपने विशेष गीत 'Streets of Minneapolis' के जरिए प्रदर्शनकारियों में जोश भरा।
विरोध के मुख्य मुद्दे: क्यों सुलग रहा है अमेरिका?
'No Kings' वेबसाइट के अनुसार, यह प्रदर्शन ट्रंप प्रशासन की उन नीतियों के खिलाफ था जिन्हें प्रदर्शनकारी 'तानाशाही' की ओर एक कदम मान रहे हैं। विरोध के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
इमिग्रेशन और ICE की कार्रवाई: आव्रजन और सीमा प्रवर्तन (ICE) द्वारा की जा रही गिरफ्तारियों और हिरासत में हो रही मौतों पर गहरा आक्रोश है।
ईरान-अमेरिका टकराव: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एक "गैर-कानूनी और विनाशकारी युद्ध" की स्थिति अमेरिका को खतरे में डाल रही है और देश की आर्थिक लागत बढ़ा रही है।
नागरिक अधिकारों पर हमला: बोलने की आजादी, वोट देने के अधिकार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर बढ़ते खतरों को लेकर जनता चिंतित है।
महंगाई की मार: बढ़ती लागत और आर्थिक नीतियों के कारण परिवारों पर बढ़ते वित्तीय बोझ को भी इस आंदोलन का हिस्सा बनाया गया है।
"ट्रंप हम पर एक तानाशाह की तरह राज करना चाहते हैं। लेकिन यह अमेरिका है, यहाँ सत्ता लोगों के पास होती है, किसी 'राजा' के पास नहीं।" — No Kings आधिकारिक बयान
एकजुटता का तीसरा बड़ा प्रदर्शन
डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में यह तीसरा मौका है जब इतनी बड़ी संख्या में लोग एकजुट हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़कों पर मानव श्रृंखलाएं बनाईं और तख्तियों के जरिए अपना संदेश दिया। रैलियों के दौरान "No Kings" (कोई राजा नहीं) के नारे गूँजते रहे, जो इस बात का प्रतीक हैं कि अमेरिकी लोकतंत्र में राष्ट्रपति की शक्तियां असीमित नहीं हो सकतीं।
निष्कर्ष
अमेरिका के विभिन्न राज्यों जैसे टेक्सास, फ्लोरिडा, न्यू जर्सी और ओहियो में हुए ये प्रदर्शन दिखाते हैं कि ट्रंप प्रशासन के लिए आने वाली राह राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चुनौतीपूर्ण होने वाली है।