जुलाना/जींद: जींद में आयोजित 'धन्यवाद एवं विकास रैली' के सफल समापन के बाद, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का एक अलग अंदाज देखने को मिला। महम जाते समय मुख्यमंत्री का काफिला अचानक जुलाना में रुका, जहाँ उन्होंने स्थानीय आढ़तियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को धरातल पर समझा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता लाना है, न कि किसी को परेशान करना।
नए नियमों पर आढ़तियों की चिंताएं
मुलाकात के दौरान आढ़तियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांगें रखीं। मुख्य रूप से फसल खरीद के लिए लागू किए गए नए नियमों, जैसे बायोमेट्रिक हाजिरी और ट्रैक्टरों पर नंबर प्लेट की अनिवार्यता को लेकर आढ़तियों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने इन नियमों को व्यावहारिक स्तर पर चुनौतीपूर्ण बताते हुए इन्हें वापस लेने का आग्रह किया।
पारदर्शिता के साथ किसानों का हित सर्वोपरि
आढ़तियों की बात को धैर्यपूर्वक सुनने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें आश्वस्त किया। मुख्यमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
पारदर्शिता का लक्ष्य: उन्होंने बताया कि नए नियम खरीद प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार को रोकने के उद्देश्य से लागू किए गए हैं।
हर दाने की खरीद: मुख्यमंत्री ने कड़ा आश्वासन दिया कि किसानों के गेहूं का एक-एक दाना सरकार द्वारा खरीदा जाएगा और उन्हें मंडियों में कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
सहयोगात्मक दृष्टिकोण: उन्होंने कहा कि किसान और आढ़ती एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी पक्ष को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
जींद से जुलाना तक संवाद का सिलसिला
उल्लेखनीय है कि जुलाना से पहले जींद रेस्ट हाउस में भी आढ़तियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री का रास्ते में रुककर आढ़तियों से मिलना उनके जन-संवाद के प्रति गंभीर दृष्टिकोण को दर्शाता है।
"हमारी सरकार किसानों और आढ़तियों की हितैषी है। नियमों का उद्देश्य व्यवस्था को सुदृढ़ करना है, फिर भी यदि कहीं कोई व्यावहारिक समस्या है, तो उसका समाधान निकाला जाएगा।"
— नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणा