सावधान! असली जैसे दिखने वाले 'नकली ट्रेडिंग ऐप्स' का जाल, निवेश से पहले जान लें Cyber Dost की ये चेतावनी

निवेश के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी आजकल काफी बढ़ गई है। सरकार और 'साइबर दोस्त' (Cyber Dost) लगातार लोगों को इन नकली ट्रेडिंग ऐप्स (Fake Trading Apps) के प्रति सचेत कर रहे हैं। ये ऐप्स इतनी सफाई से बनाए जाते हैं कि पहली नजर में इन्हें पहचानना मुश्किल होता है।

11 Apr 2026  |  19

 

नई दिल्ली। डिजिटल इंडिया के दौर में जहां निवेश आसान हुआ है, वहीं साइबर अपराधियों ने ठगी का नया रास्ता खोज लिया है। भारत सरकार ने हाल ही में एक एडवाइजरी जारी कर उन नकली ट्रेडिंग ऐप्स से बचने की सलाह दी है, जो दिखने में हूबहू नामी प्लेटफॉर्म्स जैसे लगते हैं, लेकिन असल में आपकी मेहनत की कमाई लूटने का जरिया हैं।

ट्रेडिंग स्कैम: कैसे बिछाया जाता है जाल?

साइबर अपराधी इस घोटाले को अंजाम देने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाते हैं:

नकली इंटरफेस: ये ऐप्स मशहूर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स (जैसे Zerodha, Upstox आदि) की ब्रैंडिंग और इंटरफेस की नकल करते हैं।

भारी रिटर्न का लालच: सोशल मीडिया (Instagram, Facebook) विज्ञापनों या WhatsApp/Telegram ग्रुप्स के जरिए "कम समय में पैसा डबल" करने या "सीक्रेट ट्रेडिंग टिप्स" का लालच दिया जाता है।

अनजान लिंक: अक्सर यूजर्स को प्ले स्टोर के बजाय किसी अनजान लिंक या APK फाइल के जरिए ऐप डाउनलोड करने के लिए उकसाया जाता है।

फर्जी प्रॉफिट: ऐप इंस्टॉल होने के बाद, यूजर को स्क्रीन पर फर्जी 'प्रॉफिट' (मुनाफा) दिखाया जाता है ताकि वह और ज्यादा पैसा निवेश करे। लेकिन जब यूजर पैसा निकालने (Withdraw) की कोशिश करता है, तो उससे 'टैक्स' या 'फीस' के नाम पर और पैसे मांगे जाते हैं या उसका अकाउंट ब्लॉक कर दिया जाता है।

Cyber Dost और सरकार की 3 सबसे जरूरी बातें

धोखाधड़ी से बचने के लिए सरकार ने इन तीन चरणों वाली सुरक्षा प्रक्रिया (Verification Process) को अपनाने पर जोर दिया है:

क्रमसावधानी का तरीकाविवरण
1SEBI टूल से वेरिफिकेशनपैसे ट्रांसफर करने से पहले मार्केट रेगुलेटर (SEBI) के ऑफिशियल टूल का इस्तेमाल करें और प्राप्तकर्ता की बैंक डिटेल्स चेक करें। सुनिश्चित करें कि पैसा किसी अधिकृत संस्था (Authorized Entity) को जा रहा है।
2UPI और पेमेंट गेटवे की जांचप्लेटफॉर्म द्वारा दिए गए UPI हैंडल या पेमेंट गेटवे के असली होने की पुष्टि करें। व्यक्तिगत बैंक खातों या संदिग्ध UPI आईडी पर पैसा भेजने से बचें।
3'वेरिफाइड' लेबल चेक करेंSEBI ने अब असली ऐप्स की पहचान के लिए 'वेरिफाइड' लेबल सिस्टम शुरू किया है। किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसका सर्टिफिकेशन जरूर चेक करें।

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साइबर सुरक्षा के लिए अतिरिक्त टिप्स

ऑफिशियल स्टोर: हमेशा ऐप को Google Play Store या Apple App Store से ही डाउनलोड करें।

अनजान कॉल/मैसेज: अगर कोई अनजान व्यक्ति आपको ट्रेडिंग ग्रुप में जोड़ता है या निवेश के लिए कॉल करता है, तो उसे तुरंत रिपोर्ट और ब्लॉक करें।

खुद की रिसर्च: किसी भी ऐप पर भरोसा करने से पहले उसकी रेटिंग, रिव्यू और डेवलपर की जानकारी इंटरनेट पर जरूर सर्च करें।

महत्वपूर्ण सूचना: यदि आप किसी ऐसे फ्रॉड का शिकार होते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें।

निष्कर्ष: याद रखें, शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, लेकिन नकली ऐप्स में निवेश करना 100% नुकसान की गारंटी है। सतर्क रहें, सुरक्षित निवेश करें।

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