मुल्लांपुर, 11 अप्रैल 2026: महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आज चौकों और छक्कों की ऐसी नुमाइश लगी कि दर्शक अपनी उंगलियों पर रन गिनना भूल गए। सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और पंजाब किंग्स (PBKS) के बीच खेले जा रहे इस रोमांचक मुकाबले में रनों का अंबार लग गया है। हैदराबाद द्वारा रखे गए 220 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब किंग्स ने पावरप्ले में ही मैच का रुख अपनी ओर मोड़ लिया है।
हैदराबाद का धमाका: अभिषेक शर्मा की आतिशी पारी
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की शुरुआत किसी चक्रवात जैसी रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने मुल्लांपुर के मैदान पर तबाही मचाते हुए महज 28 गेंदों पर 74 रन कूट डाले। उनकी इस पारी में 8 गगनचुंबी छक्के और 5 चौके शामिल रहे। अभिषेक ने केवल 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर फॉर्म में जोरदार वापसी की।
दूसरे छोर पर ट्रेविस हेड (38) ने उनका बखूबी साथ दिया। दोनों ने मिलकर पावरप्ले के 6 ओवरों में बिना किसी नुकसान के 105 रन जोड़कर रिकॉर्ड बुक में हलचल पैदा कर दी। मध्यक्रम में हेनरिक क्लासेन (39) और कप्तान ईशान किशन (27) के उपयोगी योगदान की बदौलत हैदराबाद ने 6 विकेट खोकर 219 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। पंजाब के लिए अर्शदीप सिंह और शशांक सिंह ने 2-2 विकेट झटके।
पंजाब का जवाब: प्रियांश आर्या ने 16 गेंदों में जड़ा पचासा
220 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत हैदराबाद से भी कहीं अधिक आक्रामक रही। युवा बल्लेबाज प्रियांश आर्या ने क्रीज पर कदम रखते ही कोहराम मचा दिया। प्रियांश ने हैदराबाद के गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए मात्र 16 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया।
पंजाब की तूफानी बल्लेबाजी का आलम यह रहा कि टीम ने पावरप्ले (6 ओवर) में 93 रन ठोक दिए। फिलहाल प्रभसिमरन सिंह 41 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं और मैच पूरी तरह से बराबरी पर खड़ा है।
मैच का लेखा-जोखा (अब तक):
सनराइजर्स हैदराबाद: 219/6 (20 ओवर)
अभिषेक शर्मा: 74 (28), ट्रेविस हेड: 38 (23)
अर्शदीप सिंह: 2/45
पंजाब किंग्स: 93/0 (6 ओवर) - लक्ष्य: 220 रन
प्रियांश आर्या: 50* (16), प्रभसिमरन सिंह: 41* (18)
नजरिया: मुल्लांपुर की पिच बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग साबित हो रही है। हैदराबाद ने जहां अभिषेक शर्मा के दम पर बड़ा स्कोर बनाया, वहीं पंजाब ने प्रियांश आर्या के 'इम्पैक्ट' से मैच को खुला रखा है। मुकाबला अब मध्यक्रम के संयम और गेंदबाजों की चतुराई पर टिका है।