अंबाला | हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई को अंजाम देते हुए अंबाला के कुख्यात गैंगस्टर साहिल चौहान उर्फ साहिल राणा को थाईलैंड से गिरफ्तार कर भारत लाने में सफलता हासिल की है। 26 वर्षीय साहिल, जो लॉरेंस बिश्नोई विरोधी गिरोहों (बंबीहा और कौशल गैंग) का सक्रिय गुर्गा रहा है, पिछले काफी समय से विदेश में बैठकर हरियाणा के व्यापारियों से रंगदारी वसूल रहा था।
17 की उम्र में जुर्म का आगाज, 26 में 'इंटरनेशनल' गिरफ्तारी
शहजादपुर (अंबाला) का रहने वाला साहिल चौहान महज 17 साल की उम्र में ही अपराध की दलदल में उतर गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार:
पहला मामला: साल 2016 में दर्ज हुआ।
कुल मामले: हत्या, हत्या के प्रयास और रंगदारी जैसे 16 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज हैं।
प्रमुख नेटवर्क: वह भूप्पी राणा, बंबीहा और कौशल गैंग के लिए काम करता था।
पैरोल जंप कर बनाया था 'फर्जी' रास्ता
साल 2017 में कोर्ट परिसर में फायरिंग के आरोप में साहिल को 10 साल की सजा सुनाई गई थी। जनवरी 2024 में वह पैरोल पर बाहर आया, लेकिन वापस जेल लौटने के बजाय वह फरार हो गया। जांच में खुलासा हुआ कि उसने बेंगलुरु के पते पर फर्जी पासपोर्ट बनवाया और देश छोड़कर भाग निकला। अंबाला पुलिस ने इस धोखाधड़ी के लिए उस पर अलग से मामला दर्ज किया है।
विदेश से चला रहा था 'रंगदारी' का सिंडिकेट
थाईलैंड में छिपकर रहने के बावजूद साहिल का आपराधिक नेटवर्क थमा नहीं। वह इंटरनेट कॉलिंग और विदेशी नंबरों के जरिए हरियाणा के बड़े कारोबारियों को धमकाता था और उनसे मोटी रकम की मांग करता था। उसकी इन्हीं गतिविधियों के चलते वह राष्ट्रीय जांच एजेंसियों और हरियाणा एसटीएफ के रडार पर आ गया था।
"साहिल चौहान का पकड़ा जाना संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी जीत है। उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में उसके नेटवर्क के स्थानीय मददगारों और विदेश में बैठे अन्य साथियों के बारे में अहम खुलासे होने की उम्मीद है।" — वरिष्ठ अधिकारी, हरियाणा एसटीएफ
एसटीएफ का 'ऑपरेशन थाईलैंड'
हरियाणा एसटीएफ को पुख्ता इनपुट मिला था कि साहिल थाईलैंड में अपनी लोकेशन बदल-बदल कर रह रहा है। कानूनी औपचारिकताओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बाद उसे गिरफ्तार कर दिल्ली लाया गया, जहाँ से अंबाला एसटीएफ ने उसे अपनी कस्टडी में लिया।
फिलहाल, पुलिस रिमांड के दौरान साहिल से उसके साथियों, हथियारों की सप्लाई और अंबाला में सक्रिय उसके गुर्गों के बारे में गहन पूछताछ की जा रही है। इस गिरफ्तारी को हरियाणा में सक्रिय गैंगवार पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।