टीसीएस की हायरिंग में 'वेट एंड वॉच' की स्थिति: FY27 में अब तक 25,000 फ्रेशर्स को ऑफर, जानें क्या है कंपनी का आगे का प्लान

भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने चालू वित्त वर्ष (FY27) के लिए अपनी भर्ती रणनीति को लेकर अहम जानकारी साझा की है। कंपनी ने अब तक 25,000 फ्रेशर्स को जॉब ऑफर दिए हैं।

12 Apr 2026  |  13

 

मुंबई | भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने चालू वित्त वर्ष (FY27) के लिए अपनी भर्ती रणनीति को लेकर अहम जानकारी साझा की है। कंपनी ने अब तक 25,000 फ्रेशर्स को जॉब ऑफर दिए हैं। हालांकि यह संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले कम है, लेकिन कंपनी ने स्पष्ट किया है कि भविष्य की हायरिंग पूरी तरह से 'बिजनेस डिमांड' पर आधारित होगी।

भर्ती के आंकड़ों में गिरावट: क्या है वजह?

पिछले वित्त वर्ष (FY26) में TCS ने लगभग 44,000 फ्रेशर्स को नियुक्त किया था। इस साल के कम आंकड़ों पर स्पष्टीकरण देते हुए कंपनी के सीईओ और एमडी के. कृतिवासन ने कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और क्लाइंट्स की खर्च करने की बदली हुई प्राथमिकताओं के कारण कंपनी सतर्क रुख अपना रही है।

फ्रेशर्स बनाम अनुभवी कर्मचारी (Lateral Hiring)

कंपनी ने अपनी भर्ती रणनीति के एक तकनीकी पहलू पर भी रोशनी डाली:

ट्रेनिंग का समय: फ्रेशर्स को प्रोजेक्ट के लिए तैयार करने में 6 से 9 महीने का समय लगता है।

तत्काल जरूरत: जब बिजनेस की मांग तत्काल होती है, तो कंपनी 'लैटरल' यानी अनुभवी कर्मचारियों को प्राथमिकता देती है जो तुरंत काम शुरू कर सकें।

हालांकि, TCS ने भरोसा दिलाया है कि उनका डिलीवरी मॉडल नहीं बदलेगा और फ्रेशर्स व अनुभवी दोनों तरह की भर्तियां जारी रहेंगी।

क्या AI छीन रहा है नौकरियां?

पिछले साल सीनियर लेवल पर हुई करीब 12,000 छंटनियों पर चर्चा करते हुए CEO ने कहा कि इसका सीधा संबंध आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से नहीं था।

"प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के तरीके बदल रहे हैं, जिससे सीनियर लेयर की जरूरतें कम हुई हैं। जो कर्मचारी निरंतर अच्छा प्रदर्शन करते हैं, उनके लिए TCS में करियर हमेशा स्थिर और लंबा रहेगा।"

भविष्य की राह: $40 अरब के कॉन्ट्रैक्ट्स पर नजर

TCS के लिए आने वाले समय में कुछ सकारात्मक संकेत भी हैं:

मजबूत पाइपलाइन: कंपनी की प्रोजेक्ट पाइपलाइन स्थिर है और 'डिस्क्रेशनरी खर्च' (वैकल्पिक खर्च) में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।

डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन: नए प्रोजेक्ट्स में लागत कम करने और डिजिटल बदलाव पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।

रेवेन्यू की उम्मीद: FY26 में कंपनी ने 40 अरब डॉलर के नए सौदे साइन किए थे, जिनसे इस साल राजस्व में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है।

निष्कर्ष: टीसीएस की वर्तमान रणनीति 'सतर्कता के साथ विकास' की है। जैसे-जैसे वैश्विक बाजार में सुधार होगा और नए प्रोजेक्ट्स में तेजी आएगी, कंपनी फ्रेशर्स की भर्ती प्रक्रिया को फिर से तेज कर सकती है।

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