तेल अवीव | अंतरराष्ट्रीय डेस्क दुनिया की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसियों में शुमार इजराइल की 'मोसाद' (Mossad) के नेतृत्व में बड़े बदलाव की घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को मेजर जनरल रोमन गोफमैन को मोसाद का अगला प्रमुख नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। हालांकि, इस नियुक्ति ने इजराइल के सैन्य और खुफिया हलकों में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
2 जून को संभालेंगे कमान
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को मेजर जनरल रोमन गोफमैन को मोसाद का अगला प्रमुख नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है गोफमैन एक ऐसे समय में पदभार संभालेंगे जब इजराइल कई मोर्चों पर सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है।
नेतन्याहू ने बताया 'असाधारण अधिकारी'
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने गोफमैन की क्षमताओं पर पूरा भरोसा जताते हुए उनकी जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा:
"रोमन गोफमैन एक साहसी और रचनात्मक अधिकारी हैं। उन्होंने युद्ध के दौरान 'लीक से हटकर' सोचने की अपनी अद्भुत क्षमता को सिद्ध किया है। मुझे विश्वास है कि उनके नेतृत्व में इजराइल की सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी।"
इजराइली सेना (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ एयाल जमीर ने भी इस फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने गोफमैन के सैन्य करियर को शानदार बताते हुए उन्हें इस पद के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार करार दिया।
अपनों ने ही खोला मोर्चा: मौजूदा चीफ ने लगाए गंभीर आरोप
सराहना के बीच, गोफमैन की नियुक्ति को लेकर इजराइल के भीतर तीखा विरोध भी शुरू हो गया है। सबसे चौंकाने वाला विरोध मौजूदा चीफ डेविड बार्निया की ओर से आया है।
डेविड बार्निया का आरोप: बार्निया ने सीधे तौर पर गोफमैन पर 'शक्ति के दुरुपयोग' का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गोफमैन जैसे व्यक्ति को इतनी महत्वपूर्ण संस्था की कमान देना चिंताजनक है।
ओरी एलमाकायस की चेतावनी: सुरक्षा विशेषज्ञ ओरी एलमाकायस ने इस नियुक्ति को इजराइल की सुरक्षा के लिए 'वास्तविक खतरा' बताया है। उन्होंने चयन समिति के फैसले को 'हास्यास्पद' करार देते हुए इसे रद्द कराने के लिए कानूनी संघर्ष छेड़ने की बात कही है।
मोसाद चीफ की नियुक्ति: एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नवनियुक्त चीफ | मेजर जनरल रोमन गोफमैन |
| पदभार ग्रहण की तिथि | 2 जून, 2026 |
| निवर्तमान चीफ | डेविड बार्निया |
| समर्थक | पीएम बेंजामिन नेतन्याहू, आईडीएफ प्रमुख एयाल जमीर |
| मुख्य विवाद | शक्ति के दुरुपयोग का आरोप और सुरक्षा संबंधी चिंताएं |
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निष्कर्ष: मोसाद के इतिहास में प्रमुखों की नियुक्ति आमतौर पर निर्विवाद रहती है, लेकिन गोफमैन के नाम पर उभरे इस अंतर्विरोध ने इजराइल की आंतरिक राजनीति और सुरक्षा तंत्र के बीच की दरार को उजागर कर दिया है। अब देखना यह होगा कि भारी विरोध के बीच गोफमैन मोसाद को किस नई दिशा में ले जाते हैं।