बीरभूम | मुख्य संवाददाता पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान से पहले सत्ताधारी टीएमसी और विपक्षी भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सोमवार को बीरभूम के सूरी में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को युवाओं के खिलाफ एक हथियार बताया, वहीं मयूरेश्वर में अमित शाह ने कटमनी और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर ममता सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया।
ममता बनर्जी का प्रहार: "19 राज्य मेरे खिलाफ, पर जनता मेरे साथ"
सूरी में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद को अकेला योद्धा बताया। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु:
मन की बात पर आपत्ति: ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का 'मन की बात' कार्यक्रम युवाओं के दिमाग को प्रभावित (ब्रश) करने और उन्हें गुमराह करने के लिए प्रसारित किया जा रहा है।
जीत का बड़ा दावा: सीएम ने भविष्यवाणी की कि इस बार टीएमसी 226 से अधिक सीटें जीतकर सत्ता में वापसी करेगी।
दिल्ली बनाम बंगाल: उन्होंने कहा कि भाजपा दिल्ली की ताकत और सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन बंगाल की जनता उन्हें स्वीकार नहीं करेगी।
अमित शाह की हुंकार: "सिंडिकेट वालों को उल्टा लटकाकर सीधा करेंगे"
वहीं, मयूरेश्वर की रैली में अमित शाह ने भ्रष्टाचार और सुरक्षा को केंद्र में रखा। उन्होंने कहा:
कटमनी और सिंडिकेट: शाह ने आरोप लगाया कि गरीब को घर बनाने के लिए ईंट-सीमेंट लाने पर भी 'ममता के सिंडिकेट' को पैसे देने पड़ते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा सरकार आने पर ऐसे लोगों को "उल्टा लटकाकर सीधा" किया जाएगा।
महिला सुरक्षा का संकल्प: शाह ने सीएम ममता के 'शाम 7 बजे' वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के शासन में रात 1 बजे भी बेटियां सुरक्षित स्कूटी पर निकल सकेंगी।
भाजपा के प्रमुख चुनावी वादे: 2026 संकल्प
अमित शाह ने बंगाल की जनता के लिए लोकलुभावन घोषणाओं की झड़ी लगा दी:
समान नागरिक संहिता (UCC): बंगाल में यूसीसी लागू करना और बहुविवाह प्रथा को समाप्त करना।
आर्थिक मदद: महिलाओं को हर महीने ₹3,000 और गर्भवती माताओं को ₹21,000 की सहायता।
बेरोजगारी भत्ता: युवाओं को हर महीने ₹3,000 का भत्ता।
सरकारी कर्मचारी: राज्य में 7वां वेतन आयोग लागू करना।
चुनावी रण: महत्वपूर्ण जानकारी
| विवरण | तिथि / आंकड़ा |
|---|---|
| पहला चरण मतदान | 23 अप्रैल, 2026 |
| दूसरा चरण मतदान | 29 अप्रैल, 2026 |
| नतीजे (Counting) | 04 मई, 2026 |
| ममता का दावा | 226+ सीटें |
निष्कर्ष: बीरभूम की रैलियों ने साफ कर दिया है कि जहां ममता बनर्जी 'बंगाली अस्मिता' और 'अकेली लड़ाई' के दम पर वोट मांग रही हैं, वहीं भाजपा 'भ्रष्टाचार' और 'सुरक्षा' के साथ-साथ भारी-भरकम आर्थिक वादों के जरिए सत्ता की चाबी हासिल करना चाहती है।