बंगाल चुनाव से पहले बड़ा धमाका: I-PAC के सह-संस्थापक विनेश चंदेल गिरफ्तार, कोयला घोटाले में 10 दिन की ED रिमांड

राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने आई-पैक (I-PAC) के सह-संस्थापक और निदेशक विनेश चंदेल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 10 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है। चुनावी रणनीति बनाने वाली प्रमुख संस्था के शीर्ष अधिकारी की गिरफ्तारी से सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है।

14 Apr 2026  |  28

 

नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मुहाने पर खड़ी राजनीतिक हलचल के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने आई-पैक (I-PAC) के सह-संस्थापक और निदेशक विनेश चंदेल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 10 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है। चुनावी रणनीति बनाने वाली प्रमुख संस्था के शीर्ष अधिकारी की गिरफ्तारी से सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है।

देर रात हुई गिरफ्तारी और कोर्ट में पेशी

जांच एजेंसी ने सोमवार को विनेश चंदेल से लंबी पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें देर शाम गिरफ्तार कर लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए ईडी ने रात में ही उन्हें पीएमएलए (PMLA) कोर्ट में पेश किया। अदालत ने एजेंसी की दलीलों को स्वीकार करते हुए चंदेल को 10 दिनों की रिमांड पर सौंप दिया है, ताकि घोटाले की कड़ियों को जोड़ा जा सके।

क्या है पूरा मामला?

यह कार्रवाई नवंबर 2020 में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई उस प्राथमिकी (FIR) पर आधारित है, जिसने बंगाल के आसनसोल क्षेत्र में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) की खदानों से करोड़ों रुपये के कोयला चोरी और तस्करी के रैकेट का पर्दाफाश किया था।

हवाला कनेक्शन: ईडी का दावा है कि कोयला तस्करी नेटवर्क से जुड़े एक हवाला ऑपरेटर ने आई-पैक की कंपनी 'इंडियन पीएसी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड' को करोड़ों रुपये स्थानांतरित किए थे।

मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप: जांच एजेंसी का आरोप है कि अवैध रूप से कमाए गए इस धन का इस्तेमाल संदिग्ध लेन-देन और चुनावी प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों में किया गया।

चुनाव से ठीक पहले बढ़ा सियासी पारा

बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुई इस गिरफ्तारी ने राज्य के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। आई-पैक, जो कि सत्ताधारी दल की चुनावी रणनीति का मुख्य आधार मानी जाती है, उसके निदेशक पर हुई इस कार्रवाई को विपक्ष और सत्ता पक्ष अपनी-अपनी तरह से देख रहे हैं।

जांच एजेंसी का रुख: "हमें इस नेटवर्क और हवाला ऑपरेटरों के बीच गहरे संबंध होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। विनेश चंदेल की हिरासत में पूछताछ से यह साफ होगा कि कोयला घोटाले का पैसा किन-किन माध्यमों से सिस्टम में खपाया गया।"

आगे क्या?

अगले 10 दिनों तक ईडी विनेश चंदेल से हवाला ऑपरेटरों के साथ उनके संबंधों और फंड ट्रांसफर के दस्तावेजों को लेकर गहन पूछताछ करेगी। इस पूछताछ में निकलने वाले तथ्य बंगाल चुनाव की दिशा और दशा पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं।

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