नई दिल्ली: आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन केवल बातचीत या मनोरंजन का जरिया नहीं रह गया है, बल्कि यह संकट के समय आपकी जान बचाने वाला एक महत्वपूर्ण उपकरण (Tool) भी साबित हो सकता है। स्मार्टफोन में मौजूद 'Emergency SOS' एक ऐसा ही फीचर है, जो एक्सीडेंट, मेडिकल इमरजेंसी या किसी भी खतरे की स्थिति में आपके करीबियों और प्रशासन तक तुरंत मदद पहुँचा सकता है।
बावजूद इसके, अधिकांश यूजर्स इस फीचर की उपयोगिता से अनजान हैं या इसे सेटअप करना भूल जाते हैं।
Android स्मार्टफोन में ऐसे करें सेटअप
एंड्रॉयड यूजर्स के लिए यह फीचर सुरक्षा की एक मजबूत परत प्रदान करता है। इसे एक्टिवेट करने की प्रक्रिया काफी सरल है:
सेटिंग्स में जाएं: सबसे पहले फोन की Settings खोलें और Safety and Emergency सेक्शन पर क्लिक करें।
संपर्क जोड़ें: यहाँ Emergency Contacts का विकल्प मिलेगा, जहाँ आप अपने परिवार या मित्रों के नंबर जोड़ सकते हैं।
एडवांस फीचर्स: Samsung और Xiaomi जैसे ब्रांड्स पावर बटन को 3 या 5 बार दबाने पर SOS एक्टिव करने की सुविधा देते हैं। इसके साथ ही आपकी रियल-टाइम लोकेशन और ऑटोमैटिक मैसेज भेजने का विकल्प भी मिलता है।
iPhone में हेल्थ ऐप के साथ सुरक्षा
Apple ने अपने SOS फीचर को Health App के साथ जोड़कर और भी स्मार्ट बना दिया है:
Medical ID: iPhone यूजर्स Health ऐप में जाकर अपनी प्रोफाइल पर क्लिक करें और Medical ID सेक्शन चुनें।
इमरजेंसी कॉन्टैक्ट: 'Edit' पर जाकर अपने भरोसेमंद संपर्कों को जोड़ें। यहाँ आप उनके साथ अपना रिश्ता (Relationship) भी दर्ज कर सकते हैं।
लोकेशन शेयरिंग: एक्टिव होने पर iPhone न केवल कॉल करता है, बल्कि आपके संपर्कों को लगातार आपकी लोकेशन अपडेट भी भेजता रहता है। इसे पावर बटन और वॉल्यूम बटन को एक साथ दबाकर सक्रिय किया जा सकता है।
क्यों हर फोन में 'SOS' होना है अनिवार्य?
विशेषज्ञों के अनुसार, मुश्किल समय में घबराहट के कारण अक्सर फोन अनलॉक करना या नंबर डायल करना संभव नहीं होता। ऐसे में SOS फीचर निम्नलिखित तरीकों से मदद करता है:
अलर्ट मैसेज: यह एक क्लिक पर आपके चुने हुए लोगों को अलर्ट भेज देता है।
रियल-टाइम लोकेशन: इससे रेस्क्यू टीम या परिजनों को आपकी सटीक लोकेशन पता चल जाती है।
तेज अलार्म: कुछ फोन में एक्टिवेट होते ही तेज सायरन बजता है, जिससे आसपास के लोग आपकी मदद के लिए आकर्षित हो सकें।
विशेषज्ञ सलाह: अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। आज ही अपने फोन की सेटिंग्स चेक करें और कम से कम दो इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स जरूर जोड़ें। समय-समय पर इस फीचर का ट्रायल (बिना कॉल किए) लेते रहें ताकि आपको इसके इस्तेमाल का अभ्यास रहे।