मिशन 2028: क्या सूर्यकुमार यादव खेलेंगे ओलंपिक? कप्तानी से ज्यादा अब बल्लेबाजी पर टिकीं चयनकर्ताओं की नजरें

सूर्या की कप्तानी में भारत ने टी-20 विश्व कप का खिताब बचाने में सफलता हासिल की है, लेकिन उनके व्यक्तिगत बल्लेबाजी फॉर्म को लेकर अब चयन गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

14 Apr 2026  |  36

 

नई दिल्ली: भारतीय टी-20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए आगामी कुछ महीने उनके करियर की दिशा तय करने वाले साबित हो सकते हैं। हालांकि सूर्या की कप्तानी में भारत ने टी-20 विश्व कप का खिताब बचाने में सफलता हासिल की है, लेकिन उनके व्यक्तिगत बल्लेबाजी फॉर्म को लेकर अब चयन गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जून-जुलाई में होने वाला भारत का इंग्लैंड और आयरलैंड दौरा यह तय करेगा कि सूर्या 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक और ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप की योजनाओं का हिस्सा होंगे या नहीं।

उम्र और प्रदर्शन का समीकरण

मुख्य कोच गौतम गंभीर के पसंदीदा खिलाड़ी होने के बावजूद, सूर्यकुमार के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनकी बढ़ती उम्र और निरंतरता है।

उम्र का कारक: 2028 ओलंपिक के समय सूर्या की उम्र लगभग 38 वर्ष हो जाएगी। ऐसे में अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति युवा खिलाड़ियों को प्राथमिकता दे सकती है।

बल्लेबाजी का उतार-चढ़ाव: 2025 का साल सूर्या के लिए बेहद निराशाजनक रहा था, जहाँ उनका स्ट्राइक रेट 120 से नीचे गिर गया था। हालांकि, 2026 में उन्होंने 160+ के स्ट्राइक रेट और चार अर्धशतकों के साथ शानदार वापसी की, लेकिन विश्व कप के बड़े मैचों में उनके बल्ले की खामोशी ने सवाल खड़े कर दिए हैं।

बीसीसीआई सूत्र के अनुसार: "सूर्या वर्तमान में कप्तान हैं, लेकिन टीम में उनकी जगह एक बल्लेबाज के तौर पर उनके प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। ब्रिटेन दौरे के बाद 2028 की लंबी अवधि की योजनाओं पर फैसला पूरी तरह से आंकड़ों के आधार पर होगा।"

वैभव सूर्यवंशी की दस्तक: टीम इंडिया में बड़े बदलाव के संकेत

चयनकर्ताओं ने भविष्य की टीम तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड दौरे के लिए संभावित खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया है।

ओपनिंग स्लॉट की कड़ी प्रतिस्पर्धा: वैभव के लिए टीम इंडिया में जगह बनाना आसान नहीं होगा, क्योंकि वर्तमान में सलामी बल्लेबाजों की कतार काफी लंबी है:

संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन: ये तीनों ही टी-20 विश्व कप में अर्धशतक जमाकर अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं।

यशस्वी जायसवाल: एक स्थापित ओपनर के तौर पर उनकी जगह लगभग पक्की है।

कब होगा वैभव का डेब्यू?

सूत्रों की मानें तो वैभव सूर्यवंशी को ब्रिटेन या जिम्बाब्वे दौरे पर मौका मिल सकता है। हालांकि, सबसे प्रबल संभावना एशियाई खेल या वेस्टइंडीज के विरुद्ध घरेलू सीरीज की है। चूंकि ये दोनों प्रतियोगिताएं एक ही समय पर होंगी, इसलिए बीसीसीआई को दो अलग-अलग टी-20 टीमें चुननी होंगी, जिससे वैभव जैसे युवाओं के लिए डेब्यू के द्वार खुल जाएंगे।

निष्कर्ष: भारतीय क्रिकेट इस समय बदलाव के दौर से गुजर रहा है। एक तरफ सूर्यकुमार यादव को अपनी 'मिस्टर 360' वाली छवि को बरकरार रखते हुए अपनी जगह सुरक्षित करनी है, तो दूसरी तरफ वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा सितारे सीनियर टीम का दरवाजा खटखटा रहे हैं। आने वाला ब्रिटेन दौरा भारतीय क्रिकेट के अगले तीन साल का खाका तैयार करेगा।

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