डिजिटल चुनाव के बीच 'अंधेरे' में कोलकाता के 100 बूथ; चुनाव आयोग ने दिए तत्काल बिजली कनेक्शन के आदेश

महानगर कोलकाता के 100 से अधिक मतदान केंद्रों (बूथों) में बिजली का कनेक्शन तक नहीं है। इस खुलासे के बाद चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए जिला निर्वाचन अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं।

16 Apr 2026  |  2

 

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए जहाँ एक ओर डिजिटल प्रचार और हाई-टेक वेब कास्टिंग की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं दूसरी ओर कोलकाता जैसे महानगर से एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। महानगर के 100 से अधिक मतदान केंद्रों (बूथों) में बिजली का कनेक्शन तक नहीं है। इस खुलासे के बाद चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए जिला निर्वाचन अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं।

पोर्ट इलाके की स्थिति सबसे चिंताजनक

हैरानी की बात यह है कि बिजली विहीन बूथों में सबसे बड़ी संख्या कोलकाता पोर्ट इलाके की है, जहाँ 50 से अधिक मतदान केंद्रों में बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

उठे सवाल: इस जानकारी के बाद यह सवाल भी उठ रहे हैं कि आखिर पिछले चुनावों के दौरान इन केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया कैसे संपन्न हुई थी?

सुरक्षा और विजिबिलिटी: मतदान के दिन सुरक्षा कारणों से बूथों की खिड़कियाँ और अतिरिक्त दरवाजे बंद रखे जाते हैं। बिना बिजली के इन कमरों में भारी अंधेरा रहता है, जिससे मतदान कर्मियों और मतदाताओं दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

वेब कास्टिंग के लिए बिजली अनिवार्य

चुनाव आयोग ने इस बार पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर बूथ पर आधुनिक वेब कास्टिंग की व्यवस्था अनिवार्य की है।

"बिना बिजली के कैमरों और इंटरनेट उपकरणों का संचालन संभव नहीं है। इसीलिए आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान के दिन हर हाल में निर्बाध बिजली आपूर्ति होनी चाहिए।" — निर्वाचन अधिकारी

आयोग का एक्शन प्लान: अस्थायी कनेक्शन और जनरेटर

जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) को निर्देश दिए गए हैं कि:

अस्थायी कनेक्शन: जिन स्कूलों या भवनों में बिजली नहीं है, वहां बिजली विभाग के समन्वय से तत्काल अस्थायी कनेक्शन दिए जाएं।

बैकअप व्यवस्था: जिन स्थानों पर तकनीकी कारणों से बिजली पहुंचाना संभव नहीं है, वहां मतदान के दिन हाइब्रिड जनरेटर की व्यवस्था की जाए।

बुनियादी सुविधाएं: बिजली के साथ-साथ सभी बूथों पर पेयजल और शौचालय की समुचित व्यवस्था अगले कुछ दिनों में सुनिश्चित करने का अल्टीमेटम दिया गया है।

चुनावी कार्यक्रम पर एक नजर

राज्य में लोकतंत्र का यह उत्सव निर्णायक मोड़ पर है। आगामी चरणों के लिए मतदान की महत्वपूर्ण तिथियां इस प्रकार हैं:

मतदान चरण: 23 अप्रैल और 29 अप्रैल।

मतगणना: 4 मई।

प्रशासन के पास अब समय कम है, और चुनौती बड़ी। देखना यह होगा कि महानगर के ये बूथ समय रहते 'रोशन' हो पाते हैं या नहीं।

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