परिसीमन और 'SIR' के बहाने बंगाल के विभाजन की साजिश; मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का केंद्र और चुनाव आयोग पर तीखा प्रहार

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 'परिसीमन' (Delimitation) और मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) को बंगाल को बांटने की एक बड़ी साजिश करार दिया है। उन्होंने आशंका जताई है कि परिसीमन के बाद केंद्र का अगला कदम एनआरसी (NRC) लागू करना होगा। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जिस तरह से परिसीमन की बातें की जा रही हैं, वह बंगाल की भौगोलिक और सांस्कृतिक अखंडता को खंडित करने का प्रयास है।

16 Apr 2026  |  6

 

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एक हालिया साक्षात्कार में ममता ने 'परिसीमन' (Delimitation) और मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) को बंगाल को बांटने की एक बड़ी साजिश करार दिया है। उन्होंने आशंका जताई है कि परिसीमन के बाद केंद्र का अगला कदम एनआरसी (NRC) लागू करना होगा।

"टुकड़े-टुकड़े गैंग" और विभाजन का आरोप

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जिस तरह से परिसीमन की बातें की जा रही हैं, वह बंगाल की भौगोलिक और सांस्कृतिक अखंडता को खंडित करने का प्रयास है। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा:

"परिसीमन के पीछे बंगाल को बांटने की गहरी साजिश छिपी है, जिसे असल में 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' हवा दे रहा है। SIR और परिसीमन केवल एक शुरुआत है, इनका असली लक्ष्य एनआरसी (NRC) लाकर लोगों को बेदखल करना है।"

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग (EC) के जरिए मतदाताओं के नाम काटे जाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने 'SIR' (Special Intensive Revision) की व्याख्या करते हुए इसे 'स्पेशल इंटेंसिव डिलीशन' कहा। मुख्यमंत्री के अनुसार:

वोटर लिस्ट में हेरफेर: बीजेपी सीधे मुकाबले से डर रही है, इसलिए वह विपक्षी समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटवा रही है।

एजेंसियों का डर: उन्होंने आरोप लगाया कि उम्मीदवारों को डराने के लिए ED, CBI और इनकम टैक्स जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।

धनबल का प्रयोग: चुनाव जीतने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे हैं।

"योगी सरकार पर लगाम कसने की कोशिश"

परिसीमन के मुद्दे पर ममता ने एक दिलचस्प दावा यह भी किया कि बीजेपी अपनी अंदरूनी कलह से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को बांटने और परिसीमन की चर्चाएं असल में केंद्र द्वारा योगी सरकार की शक्ति को कम करने या उन पर लगाम कसने की एक कोशिश है।

2026 की चुनावी जंग: "अकेली नहीं, जनता साथ है"

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वह इन हमलों से डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि भले ही उन पर कई मोर्चों से हमले हो रहे हों, लेकिन उन्हें 100 प्रतिशत जनता का समर्थन हासिल है। उन्होंने पूर्ण विश्वास जताते हुए कहा कि 2026 के चुनावों में सत्ता तृणमूल कांग्रेस के पास ही सुरक्षित रहेगी।

चुनावी कार्यक्रम: गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में इस बार दो चरणों (23 अप्रैल और 29 अप्रैल) में मतदान होगा, जिसके नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इस सीमित चरण के चुनाव में ममता बनर्जी और बीजेपी के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।

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