नई दिल्ली: संसद के विशेष सत्र में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तलवारें खिंच गई हैं। जहाँ एक ओर विपक्षी दलों ने सैद्धांतिक रूप से महिला आरक्षण का समर्थन किया, वहीं इस बिल को 'परिसीमन' (Delimitation) और 'जनगणना' की शर्तों से जोड़ने पर कड़ा ऐतराज जताया है। विपक्षी नेताओं ने इसे बीजेपी की "सत्ता हथियाने की रणनीति" और "संघीय ढांचे पर हमला" करार दिया है।
"परिसीमन के जरिए सत्ता पर कब्जे की कोशिश" — अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने बिल की मंशा पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे चुनावी गणित बताया।
षड्यंत्र की आशंका: अखिलेश ने कहा कि यूपी में सीटों की संख्या 80 से बढ़ाकर 120 (कुल 600 सीटें) करने के पीछे गहरा षड्यंत्र हो सकता है।
मुस्लिम-ओबीसी कोटा: उन्होंने मांग की कि इस बिल के भीतर मुस्लिम और ओबीसी महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा "आधी आबादी" को पूरा हक नहीं मिल पाएगा।
बीजेपी पर कटाक्ष: उन्होंने सवाल किया कि जिन 21 राज्यों में बीजेपी की सरकारें हैं, वहां कितनी महिला मुख्यमंत्री हैं?
"सरकार अड़चनें पैदा कर रही है" — गौरव गोगोई
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह महिला आरक्षण को जानबूझकर पेचीदा बना रही है।
तत्काल लागू करने की मांग: गोगोई ने कहा कि यदि सरकार गंभीर होती, तो इसे 2024 के चुनाव से ही लागू किया जा सकता था।
संविधान विरोधी बिल: उन्होंने इस विधेयक को महिला, जनगणना और संविधान विरोधी बताते हुए कहा कि इसे वर्तमान 543 सीटों की संख्या पर ही तुरंत लागू किया जाना चाहिए, न कि परिसीमन के बहाने टाला जाना चाहिए।
"दक्षिण भारत की आवाज दबाने की साजिश" — असदुद्दीन ओवैसी
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस बिल को दक्षिण भारतीय राज्यों के हितों के खिलाफ बताया।
उत्तर बनाम दक्षिण: ओवैसी ने तर्क दिया कि जनसंख्या के आधार पर परिसीमन होने से हिंदी भाषी राज्यों की सीटें 38% से बढ़कर 43% हो जाएंगी, जबकि दक्षिण भारत की हिस्सेदारी 24% से घटकर 20% रह जाएगी।
ओबीसी प्रतिनिधित्व: उन्होंने आरोप लगाया कि इस बिल का असल मकसद विधायिका से ओबीसी के प्रतिनिधित्व को मिटाना और दक्षिण पर शासन करना है।
"जनता को गुमराह कर रही है सरकार" — कपिल सिब्बल और केसी वेणुगोपाल
कपिल सिब्बल: राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने सवाल उठाया कि जब 2011 के बाद से कोई जनगणना ही नहीं हुई, तो सरकार किस आधार पर सीटें बढ़ाने की बात कर रही है? उन्होंने कहा कि यह संविधान संशोधन केवल जनता को गुमराह करने और हिंदी बेल्ट में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश है।
केसी वेणुगोपाल: कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने इस विधेयक को भारतीय संघीय ढांचे पर एक मौलिक हमला बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया।
निष्कर्ष: विरोध के स्वर और भविष्य की राह
विपक्ष का एक सुर में कहना है कि महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन का जाल बिछाकर बीजेपी चुनावी नक्शे बदलना चाहती है। जहाँ सरकार इसे नारी शक्ति के सम्मान का ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे 'कोटा के भीतर कोटा' और 'दक्षिण बनाम उत्तर' की लड़ाई के रूप में देख रहा है। तीन दिवसीय इस विशेष सत्र में यह घमासान और तेज होने की संभावना है।
सियासी गणित की मुख्य बातें:
पक्ष: 33% आरक्षण का सैद्धांतिक समर्थन।
विरोध: जनगणना और परिसीमन की अनिवार्य शर्तों पर असहमति।
मुख्य मांग: 2024 से ही तत्काल प्रभाव से लागू हो आरक्षण और ओबीसी/मुस्लिम महिलाओं को मिले कोटा।