नई दिल्ली: गूगल ने अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षमताओं का विस्तार करते हुए भारत में Gemini Personal Intelligence फीचर के रोलआउट की घोषणा की है। इस फीचर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब Gemini केवल इंटरनेट ही नहीं, बल्कि आपके निजी गूगल ऐप्स (जैसे Gmail, Photos और YouTube) से जानकारी जुटाकर आपके सवालों के बेहद सटीक और कॉन्टेक्स्ट-आधारित जवाब दे सकेगा।
क्या है Personal Intelligence?
यह एक ऐसा फीचर है जो Gemini को एक 'पर्सनल असिस्टेंट' में बदल देता है। यह फीचर गूगल के विभिन्न ऐप्स के बीच एक पुल (Bridge) का काम करता है। उदाहरण के लिए, यदि आप अपनी किसी पुरानी यात्रा की जानकारी चाहते हैं, तो Gemini आपके Gmail से टिकट, Photos से तस्वीरें और YouTube के सर्च इतिहास को जोड़कर एक विस्तृत जवाब तैयार करेगा।
यह कैसे काम करता है? (जयपुर ट्रिप का उदाहरण)
गूगल ने इस फीचर की उपयोगिता समझाने के लिए जयपुर यात्रा का उदाहरण दिया:
Gmail: असिस्टेंट आपके इनबॉक्स से होटल और फ्लाइट की बुकिंग कंफर्मेशन निकाल लेगा।
Photos: आपके द्वारा सेव किए गए मैप्स या नोट्स की तस्वीरें खोज लेगा।
YouTube: आपके द्वारा देखे गए ट्रैवल व्लॉग्स के आधार पर घूमने की जगहों के सुझाव देगा।
नतीजा: इन सभी जानकारियों को मिलाकर Gemini एक ही चैट में आपको पूरा ट्रैवल प्लान बता देगा।
गोपनीयता और सुरक्षा (Privacy First)
गूगल ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के लिहाज से यह फीचर पूरी तरह यूजर के नियंत्रण में है:
ऑप्शनल फीचर: यह डिफॉल्ट रूप से बंद रहता है। यूजर्स को इसे सेटिंग्स में जाकर खुद ऑन करना होगा।
कंट्रोल: आप तय कर सकते हैं कि Gemini को किन ऐप्स का एक्सेस देना है और किनका नहीं।
डेटा ट्रेनिंग नहीं: गूगल ने भरोसा दिलाया है कि इस निजी डेटा का इस्तेमाल AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए नहीं किया जाएगा।
टेम्पररी चैट: बिना किसी पर्सनलाइजेशन के बात करने के लिए यूजर्स 'Temporary Chat' मोड का भी उपयोग कर सकते हैं।
कब और किसे मिलेगा?
उपलब्धता: फिलहाल यह भारत में Google AI Plus, Pro और Ultra सब्सक्राइबर्स के लिए जारी किया गया है।
वाइडर रोलआउट: आने वाले हफ्तों में यह आम यूजर्स के लिए भी उपलब्ध हो सकता है।
कैसे करें एक्टिवेट?
इस फीचर को ऑन करने के लिए यूजर्स को इन स्टेप्स को फॉलो करना होगा: Gemini App > Settings > Personal Intelligence > ऐप्स का चयन करें।
सावधानी: गूगल ने स्वीकार किया है कि यह तकनीक अभी विकसित हो रही है (Early Stages)। कभी-कभी यह संदर्भ (Context) समझने में गलती कर सकता है, जिसे यूजर्स फीडबैक (Thumbs-down) के जरिए ठीक कर सकते हैं।