"यह महिला आरक्षण नहीं, राजनीतिक चालाकी है": संसद में बरसीं प्रियंका गांधी, परिसीमन और जनगणना पर घेरा

आरक्षण और परिसीमन संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला | प्रियंका गांधी ने बिल के प्रारूप की बारीकियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की नीयत में खोट नजर आ रही है।

16 Apr 2026  |  35

 

नई दिल्ली: संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने इस बिल को महिलाओं के सशक्तिकरण के बजाय 'राजनीतिक पैंतरेबाजी' करार दिया और स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस स्वरूप में बिल का समर्थन नहीं करेगी।

"2029 का लक्ष्य और पुरानी जनगणना पर सवाल"

प्रियंका गांधी ने बिल के प्रारूप की बारीकियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की नीयत में खोट नजर आ रही है। उन्होंने मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर आपत्ति जताई:

लागू होने की समयसीमा: उन्होंने कहा कि बिल में आरक्षण को 2029 तक लागू करने की बात कही गई है, जिससे विपक्ष सहमत है।

परिसीमन का आधार: प्रियंका ने सवाल उठाया कि सीटों की संख्या 850 तक बढ़ाने के लिए 2011 की जनगणना को आधार क्यों बनाया जा रहा है? उन्होंने पूछा कि सरकार पुराने आंकड़ों के सहारे इतनी बड़ी प्रक्रिया को जल्दबाजी में क्यों पूरा करना चाहती है।

"चाणक्य भी होते तो चौंक जाते"

गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, "सरकार जिस तरह से आंकड़ों और नियमों के साथ खेल रही है, अगर आज चाणक्य जीवित होते तो वे भी यह चालाकी देखकर चौंक जाते।" उन्होंने याद दिलाया कि 2023 के मूल बिल में नई जनगणना का प्रावधान था, जिसे इस नए ड्राफ्ट से हटा दिया गया है।

OBC हक और जातिगत जनगणना का मुद्दा

प्रियंका गांधी ने विधेयकों की 'टाइमिंग' पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री पर सीधा निशाना साधा। उनके भाषण के मुख्य अंश:

पिछड़ा वर्ग की अनदेखी: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नई जनगणना से इसलिए डर रही है क्योंकि इससे पिछड़े वर्गों (OBC) की असली आबादी सामने आ जाएगी, जिससे उन्हें जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देना पड़ेगा।

जल्दबाजी का कारण: प्रियंका ने दावा किया कि सरकार जल्दबाजी में संशोधन बिल लाकर ओबीसी वर्ग का हक मारना चाहती है, इसीलिए विपक्ष इसका विरोध कर रहा है।

जातिगत जनगणना की मांग: उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक जातिगत जनगणना नहीं होगी, तब तक किसी भी वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व मिलना असंभव है।

"महिलाएं बहकावे को पहचान लेती हैं"

प्रतिनिधित्व के सवाल पर सरकार को आगाह करते हुए प्रियंका ने कहा, "ऊपर से यह ड्राफ्ट ठीक दिख सकता है, लेकिन असली खेल परिसीमन में छिपा है। सरकार कहती है कि उन्हें श्रेय नहीं चाहिए, लेकिन बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं अच्छी तरह पहचान लेती हैं। सावधान रहिए, आपकी चालाकी पकड़ी जाएगी।"

निष्कर्ष: प्रियंका गांधी ने याद दिलाया कि 2023 में जब मोदी सरकार ने मूल बिल पेश किया था, तब कांग्रेस ने बिना शर्त समर्थन दिया था। लेकिन मौजूदा संशोधन बिल में विसंगतियों और पारदर्शिता की कमी को देखते हुए कांग्रेस ने अपना रुख कड़ा कर लिया है।

अन्य खबरें