न्यूयॉर्क/लंदन: क्या आप भी अपनी छोटी-बड़ी बीमारियों के लिए डॉक्टर के बजाय AI चैटबॉट (जैसे ChatGPT या Gemini) का सहारा ले रहे हैं? अगर हाँ, तो यह खबर आपको सतर्क करने वाली है। एक नई अंतरराष्ट्रीय स्टडी में दावा किया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चैटबॉट लगभग 50 फीसदी समय गलत मेडिकल जानकारी दे रहे हैं। चिकित्सा जगत के प्रतिष्ठित जर्नल 'BMJ Open' में प्रकाशित यह शोध डिजिटल स्वास्थ्य सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करता है।
रिसर्च का दायरा: 5 प्लेटफॉर्म और 50 सवाल
अमेरिका, कनाडा और यूके के शोधकर्ताओं ने दुनिया के 5 सबसे लोकप्रिय AI प्लेटफॉर्म्स— Gemini, ChatGPT, Meta AI, DeepSeek और Grok का कड़ा मूल्यांकन किया।
पद्धति: शोधकर्ताओं ने हर प्लेटफॉर्म से स्वास्थ्य से जुड़ी 5 अलग-अलग श्रेणियों में 10-10 सवाल पूछे।
नतीजे: अध्ययन में पाया गया कि कुल जवाबों में से लगभग आधा हिस्सा (50%) त्रुटिपूर्ण था। सबसे चिंताजनक बात यह है कि 20 फीसदी जवाब 'अत्यधिक गलत' श्रेणी के थे, जो किसी भी मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।
कहाँ फेल हुआ AI और कहाँ रहा बेहतर?
अध्ययन के अनुसार, AI की सटीकता विषयों के आधार पर अलग-अलग पाई गई:
बेहतर प्रदर्शन: वैक्सीन (टीकाकरण) और कैंसर से जुड़े सीधे सवालों (Closed-end prompts) पर चैटबॉट्स ने तुलनात्मक रूप से बेहतर जानकारी दी।
कमजोर प्रदर्शन: न्यूट्रीशन (पोषण), स्टेम सेल और ओपन-एंडेड सवालों पर AI अक्सर गुमराह करने वाली सलाह देता नजर आया।
आत्मविश्वास का भ्रम: शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी कि AI ये गलत जवाब भी पूरे 'आत्मविश्वास और निश्चितता' के साथ देता है, जिससे सामान्य यूजर को इनके गलत होने का संदेह नहीं होता।
लाइसेंस नहीं, फिर भी करोड़ों लोग निर्भर
रिपोर्ट के अनुसार, अकेले ChatGPT से हर हफ्ते लगभग 20 करोड़ लोग स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती से जुड़े सवाल पूछते हैं। विशेषज्ञ इस बात से चिंतित हैं कि इन प्लेटफॉर्म्स के पास न तो मेडिकल प्रैक्टिस का लाइसेंस है और न ही इनमें क्लिनिकल समझ (Clinical Judgment) है।
स्टडी की प्रमुख चिंताएं:
संदर्भों का अभाव: किसी भी चैटबॉट ने अपने जवाबों के समर्थन में सटीक और पूर्ण मेडिकल संदर्भ (References) पेश नहीं किए।
इनकार की कमी: गलत होने के बावजूद AI जवाब देने से मना नहीं करता। पूरी स्टडी के दौरान केवल Meta AI ने दो बार जवाब देने से इनकार किया।
निष्कर्ष: हालांकि OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियां स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए विशेष टूल्स विकसित कर रही हैं, लेकिन मौजूदा नतीजे बताते हैं कि सामान्य जनरेटिव AI अभी डॉक्टर का विकल्प बनने से कोसों दूर है। विशेषज्ञों की सलाह है कि इंटरनेट या AI की सलाह को अंतिम मानने के बजाय हमेशा किसी पेशेवर चिकित्सक से परामर्श लें।