वैश्विक अर्थव्यवस्था पर 'ईरान युद्ध' की मार: IMF ने घटाया विकास दर का अनुमान, भारत की स्थिति अब भी मजबूत

IMF के अनुसार, ईरान में जारी युद्ध ने वैश्विक विकास की रफ्तार को धीमा कर दिया है। साल की शुरुआत में दिख रही आर्थिक रिकवरी अब युद्ध, महंगाई और तेल संकट की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। संस्थान ने चेतावनी दी है कि यदि युद्ध और गहराया, तो यह दर गिरकर 2% तक जा सकती है, जिससे दुनिया भर में महंगाई की औसत दर 6% तक पहुँचने का खतरा है।

17 Apr 2026  |  4

 

वॉशिंगटन डीसी: इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताजनक तस्वीर पेश की है। IMF के अनुसार, ईरान में जारी युद्ध ने वैश्विक विकास की रफ्तार को धीमा कर दिया है। साल की शुरुआत में दिख रही आर्थिक रिकवरी अब युद्ध, महंगाई और तेल संकट की भेंट चढ़ती नजर आ रही है।

विकास दर में कटौती और मंदी की चेतावनी

IMF ने साल 2026 के लिए वैश्विक विकास दर (Global Growth Rate) का अनुमान 3.4% से घटाकर 3.1% कर दिया है। संस्थान ने चेतावनी दी है कि यदि युद्ध और गहराया, तो यह दर गिरकर 2% तक जा सकती है, जिससे दुनिया भर में महंगाई की औसत दर 6% तक पहुँचने का खतरा है।

IMF के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे-ओलिवियर गौरिंचास ने कहा:

"मिडिल ईस्ट का यह संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सप्लाई बाधित होने से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे आम जनता की क्रय शक्ति कम हुई है।"

प्रमुख देशों पर असर: अमेरिका और ब्रिटेन की बढ़ी मुश्किलें

अमेरिका: बढ़ते पेट्रोल दामों के कारण यहाँ मंदी का खतरा मंडरा रहा है। 2026 के लिए विकास दर का अनुमान घटाकर 2.3% कर दिया गया है।

ब्रिटेन (G7): G7 देशों में ब्रिटेन को सबसे अधिक मार झेलनी पड़ी है। इसकी विकास दर में 0.5% की भारी कटौती कर इसे 0.8% पर ला दिया गया है।

सऊदी अरब: तेल उत्पादक होने के बावजूद सऊदी अरब की विकास दर में 1.4% की बड़ी कटौती की गई है।

भारत की अर्थव्यवस्था: एक चमकता हुआ सितारा

वैश्विक संकट के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था अपनी मजबूती बनाए हुए है। IMF ने भारत के लिए सकारात्मक संकेत देते हुए 2026 और 2027 के अनुमानों में 0.1% की बढ़ोतरी की है।

2025 का अनुमान: 7.6%

2026-27 का अनुमान: 6.5%

पड़ोसी देश पाकिस्तान के अनुमानों में भी बड़ा सुधार देखा गया है, जहाँ 2026 के लिए 0.4% की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा ब्राजील और रूस के लिए भी अनुमानों में 0.3% का सुधार हुआ है।

भविष्य के जोखिम और उम्मीद की किरण

IMF ने आगाह किया है कि बढ़ता कर्ज और देशों के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव आर्थिक स्थिरता के लिए बड़े जोखिम हैं। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए उत्पादकता बढ़ती है और व्यापार संबंधों में सुधार होता है, तो वैश्विक स्थिति में सकारात्मक बदलाव भी संभव है।

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