विराट-रोहित की टेस्ट क्रिकेट में होगी वापसी? ललित मोदी के क्रांतिकारी 'IPL टेस्ट' आइडिया ने मचाई हलचल

विराट कोहली और रोहित शर्मा एक बार फिर सफेद जर्सी में लाल गेंद का सामना करते नजर आएंगे? हालांकि दोनों दिग्गज टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं, लेकिन आईपीएल के जनक ललित मोदी के एक 'क्रांतिकारी' सुझाव ने इस नामुमकिन सी दिखने वाली बात को चर्चा में ला दिया है।

17 Apr 2026  |  3

 

नई दिल्ली: क्रिकेट गलियारों में इन दिनों एक ऐसी चर्चा गर्म है जिसने करोड़ों फैंस की धड़कनों को तेज कर दिया है। क्या विराट कोहली और रोहित शर्मा एक बार फिर सफेद जर्सी में लाल गेंद का सामना करते नजर आएंगे? हालांकि दोनों दिग्गज टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं, लेकिन आईपीएल के जनक ललित मोदी के एक 'क्रांतिकारी' सुझाव ने इस नामुमकिन सी दिखने वाली बात को चर्चा में ला दिया है।

ललित मोदी का 'आउट ऑफ द बॉक्स' आइडिया

हाल ही में एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में ललित मोदी ने टेस्ट क्रिकेट की गिरती लोकप्रियता पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज के दौर में टेस्ट क्रिकेट केवल इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया तक सिमट कर रह गया है। युवा पीढ़ी को इस पारंपरिक फॉर्मेट से जोड़ने के लिए उन्होंने एक अनोखा प्रस्ताव रखा है:

IPL टीमों के बीच टेस्ट मैच: मोदी का सुझाव है कि आईपीएल फ्रेंचाइजी को अपनी 'टेस्ट टीमें' बनाने या खरीदने की अनुमति मिलनी चाहिए।

प्रदर्शनी मुकाबले (Exhibition Matches): उन्होंने कहा कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) और देशों के बीच सीरीज चलती रहे, लेकिन आईपीएल सीजन शुरू होने से पहले इन फ्रेंचाइजी टीमों के बीच कम से कम एक-एक टेस्ट मैच होना चाहिए।

फैन लॉयल्टी का फायदा: मोदी के अनुसार, युवा फैंस की अपनी आईपीएल टीमों के प्रति अटूट वफादारी है। यदि मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच टेस्ट मैच होगा, तो फैंस इस फॉर्मेट को भी उतने ही चाव से देखेंगे।

क्या फिर सजेगा विराट बनाम रोहित का मंच?

अगर यह आइडिया हकीकत में बदलता है, तो इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं:

संन्यास के बाद भी वापसी: विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज, जो अंतरराष्ट्रीय टेस्ट से संन्यास ले चुके हैं, अपनी आईपीएल फ्रेंचाइजी (RCB और MI) की ओर से लाल गेंद वाले क्रिकेट में दोबारा मैदान पर उतर सकते हैं।

युवाओं के लिए प्रेरणा: नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को दिग्गजों के साथ रेड बॉल क्रिकेट खेलने का अनुभव मिलेगा।

कमर्शियल सफलता: आईपीएल की लोकप्रियता के कारण टेस्ट क्रिकेट को नए स्पॉन्सर्स और बड़ा दर्शक वर्ग मिल सकता है।

हकीकत या सिर्फ एक सपना?

फिलहाल यह केवल एक विचार है और इसके धरातल पर उतरने की संभावनाएं काफी कम नजर आती हैं। बीसीसीआई और आईसीसी जैसे बोर्ड्स के लिए व्यस्त क्रिकेट कैलेंडर के बीच इसके लिए जगह बनाना एक बड़ी चुनौती होगी।

हालांकि, यह भी सच है कि करीब दो दशक पहले जब ललित मोदी ने आईपीएल का खाका खींचा था, तब भी दुनिया ने उसे पागलपन करार दिया था। आज वही आईपीएल क्रिकेट की सबसे बड़ी सच्चाई है। ऐसे में यदि आने वाले वर्षों में 'IPL टेस्ट लीग' जैसा कुछ होता है, तो विराट और रोहित का वो 'अधूरा' टेस्ट सफर एक बार फिर अपनी चमक बिखेर सकता है।

"टेस्ट क्रिकेट कहीं खो न जाए, इसलिए हमें युवा फैंस को उनकी पसंदीदा टीमों के जरिए इस फॉर्मेट की ओर वापस लाना होगा।"ललित मोदी

फैंस के लिए तो फिलहाल यह उम्मीद ही काफी है कि शायद एक बार फिर 'किंग' कोहली का कवर ड्राइव और 'हिटमैन' का पुल शॉट सफेद जर्सी में देखने को मिल जाए।

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