ग्लोबल एनर्जी संकट में बड़ी राहत: ईरान ने खोला होर्मुज जलडमरूमध्य, ट्रंप बोले- "सौदेबाजी पूरी होने तक नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी"

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने घोषणा की है कि ईरान ने इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह से खोलने का फैसला किया है। 6 मार्च को अमेरिकी हमले के विरोध में ब्लॉक किए गए इस रास्ते के खुलने से अब दुनिया भर के वाणिज्यिक जहाज यहाँ से आसानी से गुजर सकेंगे। ईरान के इस ऐलान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी।

17 Apr 2026  |  26

 

तेहरान/वॉशिंगटन: वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति के सबसे महत्वपूर्ण मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को लेकर जारी गतिरोध आखिरकार खत्म हो गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने घोषणा की है कि ईरान ने इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह से खोलने का फैसला किया है। 6 मार्च को अमेरिकी हमले के विरोध में ब्लॉक किए गए इस रास्ते के खुलने से अब दुनिया भर के वाणिज्यिक जहाज यहाँ से आसानी से गुजर सकेंगे।

ट्रंप की दोटूक: "रास्ता खुला है, लेकिन नाकाबंदी अभी नहीं हटी"

ईरान के इस ऐलान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यद्यपि रास्ता खुल गया है, लेकिन ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी (Naval Blockade) तब तक प्रभावी रहेगी जब तक कि दोनों देशों के बीच 100% 'लेन-देन' और समझौता पूरा नहीं हो जाता। ट्रंप ने संकेत दिया कि बातचीत अंतिम चरणों में है और यह प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़नी चाहिए।

क्यों झुका ईरान? ये हैं 4 मुख्य कारण:

ट्रंप और चीन का दबाव: राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में खुलासा किया था कि चीन के साथ बातचीत के बाद ईरान होर्मुज को लेकर अमेरिका की शर्तें मानने को तैयार हुआ है।

सीजफायर की शर्त: अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया था कि लेबनान में सीजफायर को आगे बढ़ाने पर चर्चा तभी होगी जब होर्मुज का रास्ता खुलेगा।

अंतरराष्ट्रीय घेराबंदी: पेरिस में 40 देशों की एक बड़ी बैठक प्रस्तावित थी, जहाँ फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देश ईरान की नाकाबंदी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने वाले थे।

ओमान का रुख: पड़ोसी देश ओमान ने इस प्राकृतिक रास्ते पर टोल टैक्स लेने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिससे ईरान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ गया।

कैसे होगा आवागमन?

ईरानी विदेश मंत्री के अनुसार, जब तक अस्थायी सीजफायर लागू है, तब तक सभी वाणिज्यिक जहाज सुरक्षित गुजर सकेंगे। हालांकि, सुरक्षा और निगरानी के लिहाज से सभी जहाजों को ईरान के 'बंदरगाह और समुद्री संगठन' द्वारा तय किए गए मार्ग (Coordinated Route) का ही पालन करना होगा।

दुनिया के लिए क्यों धड़कन है 'होर्मुज'?

होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला महज 34 किमी चौड़ा रास्ता है, लेकिन इसकी अहमियत विशाल है:

तेल आपूर्ति: दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।

प्रमुख निर्यातक: सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत और इराक जैसे देश अपनी अर्थव्यवस्था के लिए इसी समुद्री मार्ग पर निर्भर हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज के खुलने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आ सकती है और युद्ध की आशंकाओं के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ी संजीवनी मिलेगी।

अन्य खबरें