अमृतसर: भिंडी सैदां थाने पर हुए ग्रेनेड हमले की जांच कर रही अमृतसर (देहात) पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस हिरासत में मुख्य आरोपी बलजीत सिंह और उसके पांच साथियों ने पूछताछ के दौरान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के नेटवर्क और उनके खतरनाक मंसूबों के राज खोले हैं।
ISI के हैंडलर्स 'अवान बादशाह' और 'भट्ट' का नाम आया सामने
पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इस हमले और पंजाब में हथियारों की सप्लाई के पीछे ISI के दो प्रमुख हैंडलर 'अवान बादशाह-222' और 'भट्ट-007' सक्रिय हैं। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने भारत-पाक सीमा से सटे अटारी सेक्टर के एक गांव में जमीन में दबाकर रखे गए तीन विदेशी पिस्तौल बरामद किए हैं। बरामद हथियारों पर इन हैंडलर्स के कोड नाम (अवान बादशाह और भट्ट) उकेरे गए हैं।
ड्रोन के जरिए पहुंचाई गई हथियारों की खेप
आरोपियों ने खुलासा किया है कि 'अवान बादशाह' और 'भट्ट' के इशारे पर गुरदासपुर और अटारी सेक्टर में ड्रोन के माध्यम से हथियारों की एक बड़ी खेप उतारी गई है। इस खुलासे के बाद केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय पुलिस अलर्ट पर हैं और सीमावर्ती इलाकों में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
बदमाशों का बड़ा नेटवर्क सक्रिय
जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि ISI के ये हैंडलर केवल बलजीत तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि पंजाब में दो दर्जन से अधिक बदमाशों के संपर्क में हैं। ये बदमाश उनके कहने पर हथियारों को ठिकाने लगाने और दहशत फैलाने का काम कर रहे हैं।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई:
मामला दर्ज: पुलिस ने दोनों पाकिस्तानी हैंडलर्स—अवान बादशाह और भट्ट—को भिंडी सैदां हमले के मामले में नामजद कर लिया है।
अदालती कार्यवाही: अमृतसर (देहात) के एसएसपी सोहेल मीर ने बताया कि शनिवार को बलजीत और उसके साथियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहाँ पुलिस उनकी और अधिक रिमांड हासिल करेगी ताकि साजिश की पूरी कड़ियों को जोड़ा जा सके।
निष्कर्ष: इस खुलासे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सीमा पार बैठी ताकतें पंजाब की शांति भंग करने के लिए स्थानीय अपराधियों का सहारा ले रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब उन ठिकानों का पता लगाने में जुटी हैं जहाँ ड्रोन से गिराए गए अन्य हथियारों को छिपाया गया हो सकता है।