Google Chrome का नया 'AI Mode' अवतार: अब वेब पेज के साथ साइड-बाय-साइड चलेगा AI, सर्चिंग होगी और भी आसान

गूगल के नए अपडेट के बाद, डेस्कटॉप और लैपटॉप यूजर्स सर्च इंटरफेस के साथ-साथ वेबपेज भी खोल सकेंगे। गूगल ने अपने वेब ब्राउजर गूगल क्रोम (Google Chrome) के लिए एक क्रांतिकारी 'AI Mode' अपग्रेड की घोषणा की है।

18 Apr 2026  |  2

 

माउंटेन व्यू | टेक डेस्क गूगल ने अपने वेब ब्राउजर गूगल क्रोम (Google Chrome) के लिए एक क्रांतिकारी 'AI Mode' अपग्रेड की घोषणा की है। इस नए अपडेट का मुख्य उद्देश्य सर्च और ब्राउजिंग के अनुभव को एक-दूसरे के और करीब लाना है। अब यूजर्स को जानकारी खोजने के लिए बार-बार टैब बदलने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि AI रिस्पॉन्स और वेब पेज अब एक साथ 'साइड-बाय-साइड' काम करेंगे।

साइड-बाय-साइड ब्राउजिंग: फोकस और एफिशिएंसी का संगम

गूगल के नए अपडेट के बाद, डेस्कटॉप और लैपटॉप यूजर्स सर्च इंटरफेस के साथ-साथ वेबपेज भी खोल सकेंगे।

कॉन्टेक्स्ट अवेयरनेस: आप एक तरफ अपनी पसंदीदा वेबसाइट पढ़ सकते हैं और दूसरी तरफ उसी पेज से जुड़े फॉलो-अप सवाल AI से पूछ सकते हैं।

तुलना करना आसान: उदाहरण के लिए, यदि आप कोई गैजेट खरीद रहे हैं, तो एक तरफ रिटेलर की साइट खुली रहेगी और दूसरी तरफ AI आपको उसके मेंटेनेंस या परफॉरमेंस की जानकारी देता रहेगा।

बेहतर रिसर्च: यह सिस्टम ऑन-पेज डेटा और व्यापक वेब डेटा, दोनों का उपयोग कर सटीक जवाब तैयार करता है।

नया '+' मेनू: कई सोर्सेज से जुड़ेगा डेटा

गूगल ने क्रोम सर्च इंटरफेस में एक नया '+' (Plus) मेनू पेश किया है। इसकी मदद से सर्च और भी सटीक हो जाएगी:

ओपन टैब्स और फाइल्स: यूजर्स अपने ओपन टैब्स, इमेज और डॉक्यूमेंट्स (जैसे PDF) को सीधे अपनी क्वेरी में जोड़ सकते हैं।

स्टूडेंट्स के लिए मददगार: छात्र पढ़ाई के दौरान अपने लेक्चर नोट्स और वेब पेजेस को कंबाइन करके AI से बेहतर स्पष्टीकरण या उदाहरण मांग सकते हैं।

ट्रैवल प्लानिंग: यात्रा की रिसर्च करते समय आप अलग-अलग टैब्स में खुले होटल्स या फ्लाइट्स के आधार पर रिकमेंडेशन्स प्राप्त कर सकते हैं।

कैनवस और इमेज जनरेशन का एकीकरण

गूगल ने क्रोम के इस नए सर्च एक्सपीरियंस में अपने Canvas और Image Generation जैसे टूल्स को भी शामिल किया है। इससे यूजर्स ब्राउजर के भीतर ही अपनी क्रिएटिविटी और विजुअल सर्च को अगले स्तर पर ले जा सकेंगे। कंपनी का दावा है कि शुरुआती टेस्टर्स ने लंबे आर्टिकल्स पढ़ने और जटिल वीडियो समझने के दौरान इस इंटरफेस को बेहद उपयोगी पाया है।

उपलब्धता और रोलआउट

गूगल के मुताबिक, ये सभी फीचर्स फिलहाल अमेरिका में रोल आउट किए जा रहे हैं। आने वाले कुछ महीनों में भारत सहित दुनिया के अन्य देशों में भी इन फीचर्स के पहुंचने की पूरी उम्मीद है।

"हम सर्च को और भी ज्यादा फ्लूइड बनाना चाहते हैं। साइड-बाय-साइड इंटरफेस से यूजर्स बिना अपना फ्लो तोड़े जटिल विषयों पर गहरी रिसर्च कर सकेंगे।" — गूगल प्रवक्ता

निष्कर्ष

गूगल क्रोम का यह कदम माइक्रोसॉफ्ट एज (Microsoft Edge) के 'को-पायलट' को सीधी टक्कर देने के रूप में देखा जा रहा है। AI के इस गहरे एकीकरण से क्रोम न केवल एक ब्राउजर, बल्कि एक शक्तिशाली रिसर्च टूल में तब्दील होता नजर आ रहा है।

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