पहलगाम में 'सुरक्षा कवच' बना QR कोड: पर्यटकों की सुरक्षा के लिए नई पहचान प्रणाली शुरू, पाक की साजिशें होंगी नाकाम

जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में सुरक्षा व्यवस्था को हाई-टेक करते हुए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह पहल पिछले साल 2025 में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा ढांचे को अभेद्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। स सिस्टम को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए हर सर्विस प्रोवाइडर की पुलिस टीम द्वारा गहन जांच की गई

19 Apr 2026  |  20

 

पहलगाम (अनंतनाग): जम्मू-कश्मीर के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में पर्यटकों की सुरक्षा और भरोसे को सुदृढ़ करने के लिए प्रशासन ने एक आधुनिक QR कोड-आधारित पहचान प्रणाली की शुरुआत की है। यह पहल पिछले साल 2025 में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा ढांचे को अभेद्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

धोखाधड़ी और अनधिकृत प्रवेश पर लगेगी लगाम

अधिकारियों के अनुसार, यह प्रणाली सभी पंजीकृत टूरिस्ट सर्विस प्रोवाइडर के लिए अनिवार्य की गई है। इसमें टट्टू-सवारी (Pony) संचालक, फेरीवाले, दुकानदार और बाहरी विक्रेता शामिल हैं। इस सिस्टम के मुख्य उद्देश्य हैं:

त्वरित सत्यापन: पर्यटक अपने मोबाइल से QR कोड स्कैन कर सेवा प्रदाता की साख और रजिस्ट्रेशन की जांच कर सकेंगे।

पारदर्शिता: यह सुनिश्चित करेगा कि पर्यटक केवल अधिकृत और पुलिस द्वारा सत्यापित व्यक्तियों के साथ ही लेनदेन करें।

धोखाधड़ी पर अंकुश: कोई भी गैर-पंजीकृत व्यक्ति पर्यटक स्थल पर सेवा देने का झूठा दावा नहीं कर पाएगा।

पुलिस वेरिफिकेशन के बाद जारी हुए कोड

इस सिस्टम को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए हर सर्विस प्रोवाइडर की पुलिस टीम द्वारा गहन जांच की गई है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रशासन ने उन्हें एक यूनिक QR कोड जारी किया है। इस कोड को स्कैन करते ही उस व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी और आधिकारिक विवरण पर्यटक के मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई देंगे।

सुरक्षा का नया माहौल: 2025 के जख्मों पर मरहम

बता दें कि पिछले साल 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन मैदान में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों ने एक कायराना हमला किया था, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। उस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था।

भरोसा बहाली: नई तकनीक के माध्यम से प्रशासन पर्यटकों के बीच सुरक्षा की भावना को पुनः स्थापित करना चाहता है।

स्मार्ट टूरिज्म: प्रशासन का मानना है कि इस डिजिटल पहचान प्रणाली से न केवल सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि पर्यटकों का अनुभव भी अधिक सुखद और सुरक्षित होगा।

"यह पहल एक उचित और रजिस्टर्ड पहचान प्रणाली के रूप में काम करती है। किसी भी सेवा प्रदाता पर भरोसा करने से पहले पर्यटक अब उसे डिजिटल रूप से सत्यापित कर सकते हैं, जिससे सुरक्षा का माहौल और बेहतर होगा।" — प्रशासनिक अधिकारी, अनंतनाग

इस नई व्यवस्था के लागू होने से पहलगाम आने वाले यात्रियों में विश्वास बढ़ा है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले सीजन में पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखी जाएगी।

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