हैदराबाद। आईपीएल 2026 के 18 अप्रैल को खेले गए रोमांचक मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को 10 रनों से मात दे दी। इस हार के साथ ही चेन्नई की टीम न केवल अंक तालिका में पिछड़ी, बल्कि उस 'बदकिस्मत' रिकॉर्ड को तोड़ने में भी नाकाम रही जो पिछले सात सालों से टीम के लिए जी का जंजाल बना हुआ है।
180+ रन का वो 'अजेय' चक्रव्यूह
चेन्नई सुपर किंग्स की हार ने एक बार फिर उस पुरानी समस्या को उजागर कर दिया है जिससे टीम 2019 से जूझ रही है। आंकड़ों के आईने में देखें तो स्थिति काफी चिंताजनक है:
7 साल का सूखा: चेन्नई की टीम पिछले 7 सालों से आईपीएल की पिच पर 180 या उससे अधिक रनों का लक्ष्य हासिल (Chase) करने में लगातार विफल रही है।
लगातार 14वीं नाकामी: साल 2019 के बाद से यह लगातार 14वीं बार है जब टीम को 180+ का टारगेट मिला और वह उसे भेद नहीं पाई।
हैरानी वाली बात: इस दौरान चेन्नई ने 2021 और 2023 की ट्रॉफी भी जीती, लेकिन रन चेज के मामले में उनका यह 'भूत' पीछा नहीं छोड़ रहा है।
रैना के बिना अधूरा है 'चेज मास्टर' का खिताब?
पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों ने चेन्नई की इस कमजोरी पर हैरानी जताई है। आकाश चोपड़ा जैसे जानकारों का मानना है कि जब तक सुरेश रैना टीम का हिस्सा थे, तब तक 180+ का लक्ष्य हासिल करना चेन्नई के लिए बाएं हाथ का खेल था।
रैना के रहते हुए टीम ने 9 बार 180 से ज्यादा का टारगेट चेज किया था।
रैना के जाने के बाद टीम का मध्यक्रम बड़े लक्ष्यों के दबाव में बिखरता नजर आ रहा है।
हैदराबाद में भी नहीं बदला इतिहास
चेन्नई के पास इस मैच में हैदराबाद के मैदान पर पिछले 8 सालों से चल रहे हार के सिलसिले को भी खत्म करने का मौका था, लेकिन वे चूक गए।
कप्तानी का अंतर: महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में चेन्नई ने SRH के खिलाफ 18 मैचों में से केवल 4 हारे थे।
नया दौर: ऋतुराज गायकवाड़ और रवींद्र जडेजा की कप्तानी वाले हालिया दौर में टीम का ग्राफ गिरा है। पिछले 5 मुकाबलों में चेन्नई को हैदराबाद के खिलाफ केवल 1 जीत नसीब हुई है।
मैच का लेखा-जोखा
हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चेन्नई के सामने 195 रनों का मजबूत लक्ष्य रखा था। एक समय चेन्नई की जीत निश्चित लग रही थी, लेकिन अंतिम ओवरों में हैदराबाद के गेंदबाजों ने मैच का पासा पलट दिया। चेन्नई की टीम निर्धारित ओवरों में लक्ष्य से 10 रन दूर रह गई और 180+ के उस चक्रव्यूह में एक बार फिर फंस कर रह गई।