ओवल ऑफिस से गूँजेंगे बाइबल के स्वर: विवादों के बीच 'अमेरिका रीड्स द बाइबल' में शामिल होंगे राष्ट्रपति ट्रंप

राष्ट्रपति आगामी 21 अप्रैल को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस से 'अमेरिका रीड्स द बाइबल' कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। एक सप्ताह तक चलने वाले इस विशेष आयोजन में ट्रंप वीडियो संदेश के माध्यम से बाइबल का पाठ करेंगे।

19 Apr 2026  |  10

 

वाशिंगटन डीसी | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपनी धार्मिक सक्रियता को लेकर सुर्खियों में हैं। हालिया विवादों और आलोचनाओं के बीच, राष्ट्रपति आगामी 21 अप्रैल को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस से 'अमेरिका रीड्स द बाइबल' कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। एक सप्ताह तक चलने वाले इस विशेष आयोजन में ट्रंप वीडियो संदेश के माध्यम से बाइबल का पाठ करेंगे।

प्रार्थना और प्रायश्चित का संदेश

आयोजकों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप शाम लगभग 6:00 बजे बाइबल के '2 क्रॉनिकल्स 7:11-22' के एक अंश का पाठ करेंगे। इस अंश में वह प्रसिद्ध पंक्ति शामिल है:

"यदि मेरे लोग विनम्र होकर प्रार्थना करें, तो मैं उनके पाप क्षमा करूँगा और उनके देश को संकटों से मुक्त कर दूँगा।"

इस कार्यक्रम की आयोजक बुनि पाउंड्स ने बताया कि इस विशिष्ट खंड के वाचन के लिए ट्रंप का चयन सोच-समझकर किया गया है। राष्ट्रपति के साथ-साथ विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री जैसे कई वरिष्ठ अधिकारी भी इस धार्मिक अभियान का हिस्सा बनेंगे।

विवादों का साया: पोप और AI तस्वीरों पर मचे घमासान के बाद का कदम

राष्ट्रपति का यह कदम हाल ही में हुए दो बड़े विवादों के बाद देखा जा रहा है:

पोप के साथ वाकयुद्ध: ईरान युद्ध और परमाणु हथियारों के मुद्दे पर पोप लियो और ट्रंप के बीच तीखी बयानबाजी हुई थी। ट्रंप ने खुले तौर पर पोप की आलोचना की थी, जिसके जवाब में वेटिकन ने कड़ा रुख अपनाया था।

विवादास्पद AI तस्वीर: हाल ही में ट्रंप ने अपनी एक AI-जनित तस्वीर साझा की थी, जिसमें उन्हें ईसा मसीह (Jesus) के रूप में दर्शाया गया था। भारी आलोचना के बाद इस तस्वीर को हटा लिया गया। हालांकि, ट्रंप ने स्पष्टीकरण दिया कि तस्वीर का उद्देश्य उन्हें एक 'डॉक्टर' के रूप में दिखाना था जो राष्ट्र का उपचार कर रहा है।

सत्ता और धर्म के बढ़ते गठबंधन पर बहस

ट्रंप प्रशासन के इस कार्यकाल में शासन और ईसाई धर्म के बीच की सीमाएँ धुंधली होती दिख रही हैं। व्हाइट हाउस ने हाल ही में नागरिकों से सप्ताह में एक घंटा प्रार्थना करने की अपील की है। वहीं, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ द्वारा पेंटागन में आयोजित प्रार्थना सभा, जिसमें एक विवादित पादरी को आमंत्रित किया गया था, पहले ही चर्चा का विषय बनी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जहाँ अमेरिका में राष्ट्रपतियों का धार्मिक झुकाव सामान्य रहा है, वहीं वर्तमान प्रशासन द्वारा इसे सरकारी नीति की तरह पेश करना चर्च और राज्य के अलगाव (Separation of Church and State) की पारंपरिक अवधारणा पर एक नई बहस छेड़ रहा है।

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