नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन में मैदान पर क्रिकेट के रोमांच के साथ-साथ अब 'अंधविश्वास' की भी एंट्री हो गई है। सोशल मीडिया पर चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के नाम से एक कथित पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें काले जादू की शिकायत की गई है। आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने न केवल इस पत्र को फर्जी करार दिया है, बल्कि लीग के इतिहास का एक काला सच भी साझा किया है।
विवाद की शुरुआत: "नींबू वाला टोटका"
यह पूरा मामला 19 अप्रैल को SRH और CSK के बीच हुए मुकाबले से शुरू हुआ।
वायरल वीडियो: मैच के दौरान स्टैंड्स में बैठे एक प्रशंसक का वीडियो वायरल हुआ, जो नींबू के साथ कुछ "टोटका" करता दिख रहा था।
इत्तेफाक: ठीक उसी समय सनराइजर्स के गेंदबाज साकिब हुसैन की गेंद पर शिवम दुबे आउट हो गए। इसके बाद इंटरनेट पर एक पत्र तैरने लगा, जिसे सीएसके द्वारा बीसीसीआई (BCCI) को लिखी गई आधिकारिक शिकायत बताया गया।
ललित मोदी का पलटवार: "लेटर फर्जी है"
आईपीएल के जनक ललित मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस वायरल लेटर की सच्चाई बताई। उन्होंने लिखा:
"फिलहाल जो लेटर वायरल हो रहा है, वह नकली (Fake) लग रहा है। सीएसके ने ऐसी कोई आधिकारिक शिकायत नहीं की है।"
2011 का वो 'काला' सच: टीम मालिक पर आरोप
लेटर को फर्जी बताते हुए ललित मोदी ने एक ऐसा खुलासा किया जिसने क्रिकेट जगत में सनसनी फैला दी। मोदी के अनुसार, आईपीएल के शुरुआती वर्षों में एक टीम मालिक वास्तव में ऐसी हरकतों में शामिल था।
ड्रेसिंग रूम में टोटका: मोदी ने दावा किया कि 2011 के सीजन के दौरान एक टीम मालिक विरोधी टीम के ड्रेसिंग रूम में जाकर काला जादू और टोटके कर रहा था।
सबूतों का दावा: ललित मोदी ने कहा कि उनके पास इस घटना के पक्के सबूत थे और उन्होंने उस वक्त संबंधित टीमों को आगाह भी किया था।
फिल्म या सीरीज में होगा नाम का खुलासा
ललित मोदी ने सस्पेंस बरकरार रखते हुए कहा कि वह उस टीम मालिक के नाम का खुलासा जल्द ही करेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि वह अपनी आने वाली बायोपिक (फिल्म) या टीवी सीरीज में इस घटना का विस्तार से जिक्र करेंगे और बताएंगे कि आईपीएल के पर्दे के पीछे किस तरह की अलोकतांत्रिक हरकतें की गई थीं।
निष्कर्ष: हालांकि 2026 में वायरल हो रहा लेटर फर्जी साबित हुआ है, लेकिन ललित मोदी के खुलासे ने यह बहस छेड़ दी है कि क्या दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग में वास्तव में 'अदृश्य शक्तियों' का सहारा लेने की कोशिश की गई थी? फिलहाल, फैंस इस खुलासे का इंतजार कर रहे हैं कि आखिर 2011 में वह कौन सा 'जादूगर' मालिक था।