मुंबई/बिजनेस डेस्क: शेयर बाजार में सोमवार को पावर सेक्टर के शेयरों ने जबरदस्त हलचल मचाई, जिसमें अडानी पावर (Adani Power) सबसे बड़े खिलाड़ी के रूप में उभरा। कंपनी का शेयर बीएसई (BSE) पर 3 प्रतिशत से ज्यादा की छलांग लगाकर 205.35 रुपये के नए 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस ऐतिहासिक तेजी के पीछे 'परमाणु ऊर्जा' और 'बढ़ता तापमान' दो सबसे बड़े कारक बनकर उभरे हैं।
1. न्यूक्लियर एनर्जी: भविष्य की तैयारी का 'मास्टरस्ट्रोक'
अडानी समूह ने पारंपरिक ऊर्जा से आगे बढ़ते हुए परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में अपनी धाक जमाने की तैयारी पूरी कर ली है।
नई कंपनी का गठन: अडानी एटॉमिक एनर्जी (AAEL) ने अपनी नई सहायक कंपनी 'कोस्टल-महा एटॉमिक एनर्जी' (CMAEL) के गठन की आधिकारिक घोषणा की है।
लक्ष्य: इस कंपनी का मुख्य उद्देश्य परमाणु ऊर्जा से बिजली उत्पादन, उसका ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन करना होगा।
महत्व: फरवरी में 'अडानी एटॉमिक' के ऐलान के बाद इस नई इकाई का इनकॉरपोरेशन सर्टिफिकेट मिलना निवेशकों के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत साबित हुआ, जिससे शेयरों में खरीदारी की होड़ मच गई।
2. भीषण गर्मी और बिजली की 'पीक डिमांड'
मौसम का बदलता मिजाज अडानी पावर के लिए मुनाफे की गारंटी बनता दिख रहा है। ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल की रिपोर्ट के अनुसार:
गर्मी का असर: पश्चिमी विक्षोभ के हटने के बाद उत्तर भारत में भयंकर गर्मी पड़ने का अनुमान है। गर्मी बढ़ने से देशभर में बिजली की खपत में रिकॉर्ड तोड़ इजाफा होगा।
हाइड्रो पावर बनाम थर्मल पावर: कम बारिश और सूखे जैसे हालात के कारण हाइड्रो पावर (NHPC, SJVN) के उत्पादन में कमी आ सकती है। ऐसे में देश की निर्भरता कोयले से चलने वाले पावर प्लांट्स पर बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ NTPC और अडानी पावर को मिलना तय है।
अल नीनो फैक्टर: ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि 'अल नीनो' वाले वर्षों में बिजली की मांग 7 से 9 प्रतिशत तक बढ़ जाती है, जिससे मर्चेंट बिजली की कीमतें ऊंची रहती हैं और कंपनी के मार्जिन में सुधार होता है।
निवेशकों के लिए मुनाफे की बारिश
अडानी पावर के शेयरों ने पिछले कुछ समय में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है:
एक सप्ताह में: करीब 13 प्रतिशत की तेजी।
एक महीने में: लगभग 35 प्रतिशत का उछाल।
बाजार विश्लेषण: विशेषज्ञों का मानना है कि अडानी पावर न केवल वर्तमान मांग को पूरा करने के लिए तैयार है, बल्कि न्यूक्लियर एनर्जी जैसे दूरगामी क्षेत्रों में कदम रखकर कंपनी ने अपनी भविष्य की ग्रोथ को भी सुरक्षित कर लिया है। यही कारण है कि बाजार में इसे 'लंबी रेस का घोड़ा' माना जा रहा है।