'छल-कपट का अंडरग्राउंड गैंग है भाजपा': अखिलेश यादव का बड़ा हमला, बोले- बेरोजगारी का फायदा उठा करा रहे 'नकली शूटिंग'

महिला आरक्षण विधेयक के बहाने भाजपा द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों को अखिलेश ने 'नकली शूटिंग' करार देते हुए इसे भाजपा की हताशा का प्रतीक बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की बढ़ती एकजुटता से बुरी तरह डर गई है।

20 Apr 2026  |  4

 

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। महिला आरक्षण विधेयक के बहाने भाजपा द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों को अखिलेश ने 'नकली शूटिंग' करार देते हुए इसे भाजपा की हताशा का प्रतीक बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की बढ़ती एकजुटता से बुरी तरह डर गई है।

बेरोजगारी और मजबूरी का फायदा उठा रही भाजपा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी दल साजिशों से बाज नहीं आ रहे हैं। उन्होंने लखनऊ में होने वाले प्रदर्शनों पर तंज कसते हुए कहा:

"अब नकली विरोध की शूटिंग कराई जा रही है। इसमें शामिल युवक-युवतियों का कोई दोष नहीं है, क्योंकि भाजपाई दौर की बेतहाशा बेरोजगारी में लोग दो पैसों की उम्मीद में कुछ भी करने को मजबूर हैं। भाजपा पहले गरीबी पैदा करती है, फिर उसी मजबूरी का इस्तेमाल अपने गंदे इरादों के लिए करती है।"

भाजपा को बताया 'अंडरग्राउंड गैंग'

अखिलेश यादव ने भाजपा की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें 'छल, धोखे और कपट का अंडरग्राउंड गैंग' बताया। उन्होंने कहा कि बंद कमरों में गुप्त योजनाएं बनाने वाले ये लोग अपनी काली करतूतों के कारण इतिहास के पन्नों में काली स्याही से दर्ज होंगे। सपा प्रमुख के अनुसार, भाजपा अपनी चुनावी पराजय को स्वीकार नहीं कर पा रही है और अब उसे देश की 95% आबादी वाले PDA समाज की एकजुटता से डर लगने लगा है।

अपने ही PDA नेताओं की नींव खोद रही भाजपा: अखिलेश

अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा ने अपने आधिकारिक हैंडल से अपमानजनक बातें पोस्ट कर राजनीतिक नैतिकता का पतन किया है। उन्होंने भाजपा के भीतर मौजूद पिछड़े और दलित नेताओं को आगाह करते हुए कहा:

राजनीतिक भविष्य शून्य: भाजपा ने ऐसी लकीर खींच दी है कि उसकी पार्टी में शामिल PDA सांसदों और विधायकों का भविष्य खत्म हो गया है।

मानसिक नाकाबंदी: अब ये नेता किस मुंह से अपने समाज के बीच जाएंगे? समाज अब इनका पूरी तरह बहिष्कार करेगा।

गहरी चाल: यह भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति है ताकि वह अपने ही दल के PDA नेताओं की सियासत की नींव खोदकर उनकी राजनीति खत्म कर सके।

PDA की एकजुटता और मजबूत होगी

अखिलेश यादव ने अंत में जोर देकर कहा कि जब-जब PDA समाज के किसी व्यक्ति का अपमान होता है, तब-तब उनकी एकता और संकल्प और भी दृढ़ होता है। 2024 के चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जनता ने पहले ही भाजपाई PDA नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया था, और अब यह नफरत की राजनीति उनके पतन का अंतिम कारण बनेगी।

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