खेती से 30 करोड़ का व्यक्तिगत टर्नओवर: मिलिए आगरा के 'पोटैटो किंग' मनोहर सिंह चौहान से, जिन्होंने मिट्टी से उगाया 'सोना'

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के एक छोटे से गांव हसनपुर के किसान मनोहर सिंह चौहान ने इस धारणा को न केवल चुनौती दी, बल्कि पूरी तरह बदल कर रख दिया है। कभी महज 20 एकड़ से शुरुआत करने वाले मनोहर आज 300 एकड़ में आलू की वैज्ञानिक खेती कर रहे हैं और उनका व्यक्तिगत टर्नओवर 30 करोड़ रुपये के पार जा चुका है।

20 Apr 2026  |  5

 

आगरा (उत्तर प्रदेश): अक्सर कहा जाता है कि खेती घाटे का सौदा है, लेकिन उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के एक छोटे से गांव हसनपुर के किसान मनोहर सिंह चौहान ने इस धारणा को न केवल चुनौती दी, बल्कि पूरी तरह बदल कर रख दिया है। कभी महज 20 एकड़ से शुरुआत करने वाले मनोहर आज 300 एकड़ में आलू की वैज्ञानिक खेती कर रहे हैं और उनका व्यक्तिगत टर्नओवर 30 करोड़ रुपये के पार जा चुका है।

पिता के संघर्ष से मिली प्रेरणा

एक पारंपरिक कृषि परिवार में जन्मे मनोहर ने बचपन से ही अपने पिता को खेती की दो बड़ी समस्याओं से जूझते देखा: पहला—फसल का कम उत्पादन, और दूसरा—बाजार में सही दाम न मिलना। इन चुनौतियों को हल करने के लिए उन्होंने पारंपरिक तरीकों को त्यागकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने का संकल्प लिया।

सफलता के चार मुख्य स्तंभ

मनोहर सिंह की असाधारण सफलता के पीछे चार प्रमुख वैज्ञानिक पद्धतियां रही हैं:

मृदा परीक्षण (Soil Testing): खेती शुरू करने से पहले उन्होंने मिट्टी की जांच कराई। इससे उन्हें पता चला कि खेत को किस पोषक तत्व की जरूरत है। नतीजतन, खाद पर होने वाला अनावश्यक खर्च कम हुआ और पैदावार की गुणवत्ता बढ़ गई।

जैविक और रसायनों का संतुलन: उन्होंने रासायनिक खादों के उपयोग को 50% तक कम कर दिया है और अब 'ग्रीन मैन्योर' (हरी खाद) तथा केंचुआ खाद (Vermicompost) पर जोर दे रहे हैं।

ड्रिप सिंचाई (Drip Irrigation): पानी की बचत और बेहतर उपज के लिए उन्होंने टपक सिंचाई प्रणाली को अपनाया, जिससे आलू की प्रीमियम क्वालिटी तैयार होती है।

रिकॉर्ड उत्पादन: जहां एक औसत किसान प्रति एकड़ 140-150 क्विंटल आलू उगाता है, वहीं मनोहर ने अपनी तकनीक से 225 क्विंटल प्रति एकड़ तक का रिकॉर्ड उत्पादन हासिल किया है।

FPO की ताकत: 80 करोड़ का सामूहिक टर्नओवर

मनोहर सिंह का मानना है कि किसान की असली ताकत एकजुटता में है। उन्होंने 800 किसानों को जोड़कर एक किसान उत्पादक संगठन (FPO) बनाया।

यह FPO सामूहिक रूप से खाद और बीज खरीदता है, जिससे लागत घटती है।

आज इस संगठन का वार्षिक टर्नओवर 80 करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े को छू रहा है।

डिजिटल मार्केटिंग: मंडियों से लेकर Zepto और Swiggy तक

मनोहर सिर्फ एक किसान नहीं, बल्कि एक कुशल रणनीतिकार भी हैं। उन्होंने बिचौलियों के जाल को तोड़कर सीधे नए जमाने की ई-कॉमर्स कंपनियों से हाथ मिलाया। आज उनके द्वारा उगाया गया आलू Zomato, Zepto, Swiggy, Reliance Retail और Big Basket जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए सीधे देश के सुदूर राज्यों (तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना आदि) के उपभोक्ताओं की थालियों तक पहुंच रहा है।

'RFOI अवार्ड 2025' से सम्मान

उनकी इन उपलब्धियों के लिए कृषि जागरण द्वारा आयोजित 'MFOI Awards 2025' में उन्हें 'RFOI Award 2025' से सम्मानित किया गया है।

मनोहर सिंह का संदेश: > "खेती कोई मजबूरी नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी और लाभदायक व्यवसाय है। यदि सही ज्ञान, आधुनिक तकनीक और अच्छी नियत के साथ मेहनत की जाए, तो सफलता निश्चित है।"

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