ईरान के साथ सीधी बातचीत के लिए पाकिस्तान जाएगा अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल; राष्ट्रपति ट्रंप बोले— "मैं बहुत बड़े अंतर से जंग जीत रहा हूँ"

एक उच्चस्तरीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल जल्द ही पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद का दौरा कर सकता है, जहाँ ईरान के साथ आमने-सामने की चर्चा का दूसरा प्रयास किया जाएगा। अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का अस्थायी संघर्ष-विराम (सीजफायर) बुधवार शाम को समाप्त होने वाला है।

21 Apr 2026  |  4

 

वॉशिंगटन/इस्लामाबाद: मध्य-पूर्व के बिगड़ते हालातों के बीच अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत का एक नया और निर्णायक दौर शुरू होने की उम्मीद है। ख़बरों के अनुसार, एक उच्चस्तरीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल जल्द ही पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद का दौरा कर सकता है, जहाँ ईरान के साथ आमने-सामने की चर्चा का दूसरा प्रयास किया जाएगा।

इस्लामाबाद में कूटनीति की 'अग्निपरीक्षा'

यह बातचीत एक ऐसे समय में होने जा रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का अस्थायी संघर्ष-विराम (सीजफायर) बुधवार शाम को समाप्त होने वाला है। पिछला संवाद बिना किसी ठोस समझौते के समाप्त हो गया था, और अब दोनों देश एक-दूसरे पर संघर्ष-विराम के उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं।

हालाँकि, तेहरान ने अभी तक इस बैठक में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल बातचीत के अगले दौर के लिए कोई निश्चित योजना नहीं बनाई गई है।

ट्रंप की चेतावनी: "समझौता नहीं तो फिर फटने लगेंगे बम"

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संघर्ष-विराम के आगे बढ़ने की संभावनाओं को लगभग शून्य बताया है। पीबीएस न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तय समय-सीमा तक कोई समझौता नहीं होता है, तो "जगह-जगह बम फटने लगेंगे।"

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर सैन्य सफलता का दावा करते हुए लिखा:

"मैं एक जंग जीत रहा हूं और वह भी बहुत बड़े अंतर से। दुश्मन असमंजस में है क्योंकि उनकी नौसेना पूरी तरह खत्म हो चुकी है और वायुसेना के विमान अंधेरे रनवे पर बेकार खड़े हैं। उनके पास अब कोई मिसाइल-रोधी सुरक्षा कवच नहीं बचा है।"

'सत्ता परिवर्तन' और आर्थिक नाकेबंदी का दावा

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के आंतरिक नेतृत्व की कमजोरी पर प्रहार करते हुए इसे एक तरह का 'सत्ता परिवर्तन' करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता, तब तक ईरान पर लगी आर्थिक 'नाकेबंदी' नहीं हटाई जाएगी। ट्रंप के अनुसार, यह नाकेबंदी ईरान को पूरी तरह तबाह कर रही है।

आगे क्या?

जहाँ एक ओर अमेरिका बातचीत की मेज पर मौजूद रहने की बात कर रहा है, वहीं ईरान का रुख अब भी संदेहास्पद बना हुआ है। यदि इस्लामाबाद में होने वाली यह प्रस्तावित बैठक विफल रहती है या आयोजित नहीं होती है, तो क्षेत्र में एक बार फिर बड़े सैन्य संघर्ष की आशंका बढ़ जाएगी।

दुनिया की नज़रें अब बुधवार शाम पर टिकी हैं, जब वर्तमान संघर्ष-विराम की अवधि समाप्त होगी।

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