बंगाल चुनाव: पहले चरण में भारी हिंसा, मुर्शिदाबाद में बमबाजी और पथराव , TMC और हुमायूं कबीर के समर्थक आमने-सामने

मतदान के बीच मुर्शिदाबाद के नौदा से अशांति की खबरें सामने आई हैं। 'आम जनता उन्नयन पार्टी' (AUJP) के संस्थापक हुमायूं कबीर और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई है।

23 Apr 2026  |  13

 

कोलकाता | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान हिंसा की आग में झुलस गया है। 16 जिलों की 152 सीटों पर जारी वोटिंग के बीच मुर्शिदाबाद, सिलीगुड़ी और आसनसोल से हिंसक झड़पों, बमबाजी और पथराव की खौफनाक तस्वीरें सामने आई हैं। सुरक्षा के दावों के बीच उपद्रवियों ने चुनावी प्रक्रिया में खलल डालने की पुरजोर कोशिश की है।

मुर्शिदाबाद बना जंग का मैदान: काफिले पर हमला

सबसे भयावह स्थिति मुर्शिदाबाद के नाओदा और भागीरथपुर में देखी गई। यहाँ सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और हुमायूं कबीर (AUJP) के समर्थक आमने-सामने आ गए।

पथराव और तोड़फोड़: हुमायूं कबीर के काफिले पर उस वक्त हमला हुआ जब वह कल रात हुई बमबारी वाली जगह का जायजा लेने पहुंचे थे। उग्र भीड़ ने उनके काफिले पर भारी पथराव किया, जिससे कई गाड़ियों के शीशे चकनाचूर हो गए।

लाठी-डंडे और धक्कामुक्की: पोलिंग बूथ के बाहर जमकर लाठी-डंडे चले। उपद्रवियों ने मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों के साथ भी धक्कामुक्की की, जिससे स्थिति अनियंत्रित हो गई।

हाईवे जाम: तनाव इतना बढ़ गया कि हुमायूं कबीर और टीएमसी ब्लॉक अध्यक्ष शफीउज्जमां शेख के समर्थकों ने अमताला-बहरामपुर स्टेट हाईवे को जाम कर दिया। सेंट्रल फोर्स (CAPF) को भीड़ तितर-बितर करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

रात भर हुई बमबाजी

हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि नाओदा के बूथ नंबर 9 और 10 के पास रात भर बमबारी हुई। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी समर्थकों ने स्थानीय पुलिस के बैग तक छीन लिए और मतदाताओं को डराने का प्रयास किया।

सिलीगुड़ी और आसनसोल में भी तकरार

हिंसा की आंच उत्तर बंगाल और औद्योगिक बेल्ट तक भी जा पहुंची है:

सिलीगुड़ी: यहाँ भाजपा उम्मीदवार शंकर घोष और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच बूथ नंबर 26/237 पर तीखी झड़प हुई। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक हंगामा चलता रहा।

आसनसोल: भाजपा प्रत्याशी अग्निमित्रा पॉल को पुलिस द्वारा रोके जाने पर भारी विवाद हुआ। अग्निमित्रा और पुलिस अधिकारियों के बीच कैमरे पर तीखी बहस देखी गई, जिसके बाद समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी।

प्रशासनिक चुनौती

सुबह 11 बजे तक जहाँ 41% मतदान ने लोकतंत्र की मजबूती दिखाई थी, वहीं दोपहर होते-होते हिंसा की खबरों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। चुनाव आयोग ने कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स भेजने के निर्देश दिए हैं।

ताजा स्थिति: मुर्शिदाबाद और सिलीगुड़ी के प्रभावित इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बल गश्त कर रहे हैं, लेकिन माहौल अब भी तनावपूर्ण बना हुआ है।

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