नई दिल्ली | विशेष संवाददाता दक्षिण दिल्ली के अमर कॉलोनी स्थित कैलाश हिल्स में आईआरएस (IRS) अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी की हत्या के मामले में रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस जघन्य वारदात के पीछे 7 लाख रुपये का कर्ज और ऑनलाइन गेमिंग की लत थी। गिरफ्तार आरोपी राहुल मीणा ने न केवल युवती की हत्या की, बल्कि वारदात को अंजाम देने के बाद होटल के वाई-फाई के जरिए इंस्टाग्राम पर सक्रिय रहकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश भी की।
लॉकर की चाबी के लिए हैवानियत
पुलिस के अनुसार, राहुल मीणा वारदात वाले दिन सुबह से ही घर की रेकी कर रहा था। जैसे ही युवती के माता-पिता जिम के लिए निकले, वह घर में घुस गया।
हमला: आरोपी ने युवती से लॉकर की चाबी मांगी, लेकिन इनकार करने पर उसने लोहे की रॉड से युवती पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
क्रूरता: हमले के बाद जब युवती बेहोश हो गई, तो आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने मृतका की उंगली का इस्तेमाल कर बायोमेट्रिक लॉकर खोलने की भी कोशिश की, लेकिन नाकाम रहने पर लॉकर तोड़कर नकदी और कीमती सामान लूट लिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट: प्रारंभिक रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई है। संघर्ष के दौरान युवती की नाक की हड्डी टूट गई थी और चेहरे पर गहरे घाव के निशान मिले हैं।
डिजिटल फुटप्रिंट से पकड़ा गया कातिल
वारदात के बाद आरोपी ने अपना सिम कार्ड बंद कर दिया था ताकि पुलिस उसे ट्रैक न कर सके। वह पास के एक पार्क में छिपा रहा और फिर ऑटो से द्वारका स्थित एक होटल में जाकर छिप गया।
ऑटो चालक का सुराग: पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और उस ऑटो चालक तक पहुंची जिसने राहुल को होटल छोड़ा था।
वाई-फाई ने खोला राज: आरोपी ने फोन का सिम तो बंद रखा था, लेकिन वह होटल के वाई-फाई (Wi-Fi) का इस्तेमाल कर अपने चचेरे भाई से इंस्टाग्राम पर बात कर रहा था। इसी डिजिटल सुराग ने पुलिस को उसकी सही लोकेशन तक पहुंचा दिया।
मदद करने वाले परिवार को ही बनाया निशाना
जांच में यह बेहद दुखद तथ्य सामने आया कि पीड़ित परिवार ने पहले भी आरोपी राहुल मीणा की आर्थिक मदद की थी। राहुल को उसकी नौकरी से निकाल दिया गया था और वह भारी कर्ज में डूबा हुआ था। कर्ज चुकाने और बदला लेने की नीयत से उसने इस भयावह कांड को अंजाम दिया।
"आरोपी ऑनलाइन गेमिंग का बुरी तरह आदी था और उस पर लाखों का कर्ज था। हम हत्या में इस्तेमाल हथियार और लूटी गई रकम की बरामदगी के लिए आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रहे हैं।" — दिल्ली पुलिस जांच टीम
पुलिस अब इस मामले में कड़ियां जोड़ रही है ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके। इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन गेमिंग के बढ़ते खतरों और युवाओं पर इसके मनोवैज्ञानिक प्रभाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं।