दमदम (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद सियासी पारा अपने चरम पर है। शुक्रवार को दमदम में अपनी पहली चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि बंगाल में बदलाव की जो लहर चल रही थी, उस पर कल के मतदान ने अंतिम मुहर लगा दी है। पीएम ने राज्य की जनता से टीएमसी के 'भ्रष्टाचार और अत्याचार' के विरुद्ध एक नई क्रांति की शुरुआत करने की अपील की।
"जनता ने किया लोकतंत्र के मंदिर का पुनर्निर्माण"
पहले चरण के रुझानों से उत्साहित प्रधानमंत्री ने जनसभा में कहा कि बंगाल की जनता ने भाजपा के पक्ष में जबरदस्त समर्थन देकर जीत का शंखनाद कर दिया है। टीएमसी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा:
"जिस बंगाल में टीएमसी ने अपनी तानाशाही से लोकतंत्र के मंदिर को खंडित किया था, पहले चरण के मतदान में जनता ने उसी मंदिर का पुनर्निर्माण कर दिया है। अब दूसरे चरण में आप सभी को इस मंदिर पर विजय ध्वज फहराना है।"
नेताजी के संदेश से नई क्रांति की अपील
पीएम मोदी ने बंगाल की क्रांतिकारी विरासत और नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद करते हुए भावुक अपील की। उन्होंने कहा, "नेताजी ने गुलामी की जंजीरें तोड़ने के लिए कहा था— तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। आज बंगाल में एक नई क्रांति का समय है, जो आपके मात्र एक वोट से संभव होगी।"
भाजपा का 'आजादी' संकल्प पत्र
प्रधानमंत्री ने जनता से आशीर्वाद मांगते हुए वादा किया कि भाजपा की सरकार बंगाल को निम्नलिखित समस्याओं से 'आजादी' दिलाएगी:
डर और सिंडिकेट राज: टीएमसी के कथित भय और सिंडिकेट संस्कृति का खात्मा।
भ्रष्टाचार और बेरोजगारी: भ्रष्टाचार पर लगाम और पलायन रोकने के लिए रोजगार के नए अवसर।
सुरक्षा: बेटियों पर होने वाले अत्याचारों से मुक्ति और घुसपैठियों के कब्जे से जमीन की बहाली।
बौखलाहट में विपक्ष: पीएम का पलटवार
तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा कि हार के डर से टीएमसी के नेता बौखला गए हैं और अपने कार्यकर्ताओं को मैदान में उतारकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि भाजपा उनके साथ खड़ी है और यह चुनाव बंगाल के भविष्य को बदलने वाला साबित होगा।
गौरतलब है कि पहले चरण के भारी मतदान के बाद अब सबकी नजरें 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के चुनाव पर टिकी हैं, जहाँ 152 सीटों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।