जादवपुर यूनिवर्सिटी पर 'सियासी संग्राम': पीएम मोदी ने लगाया 'देश-विरोधी' नारों का आरोप, ममता का पलटवार- 'आवाज उठाना अराजकता नहीं'

जादवपुर यूनिवर्सिटी राजनीति का नया केंद्र बन गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कैंपस में "देश-विरोधी" नारों और गिरते शैक्षणिक स्तर को लेकर राज्य सरकार को घेरने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखा पलटवार किया है | प्रधानमंत्री के भाषण के कुछ ही देर बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जादवपुर यूनिवर्सिटी के छात्रों और उसकी गरिमा का बचाव करते हुए कड़ा बयान जारी किया।

24 Apr 2026  |  2

 

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले जादवपुर यूनिवर्सिटी राजनीति का नया केंद्र बन गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कैंपस में "देश-विरोधी" नारों और गिरते शैक्षणिक स्तर को लेकर राज्य सरकार को घेरने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखा पलटवार किया है। ममता ने यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठा का बचाव करते हुए छात्रों के विरोध को लोकतंत्र की जीवंतता करार दिया।

पीएम मोदी का हमला: "बंगाल का भविष्य खतरे में"

जादवपुर में भाजपा उम्मीदवार सरबरी मुखर्जी के पक्ष में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने यूनिवर्सिटी की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा:

राष्ट्रवाद बनाम अराजकता: "जादवपुर यूनिवर्सिटी कभी राष्ट्रवाद की नींव पर खड़ी थी और दुनिया भर में सम्मानित थी, लेकिन आज यहां की दीवारों पर देश-विरोधी नारे लिखे जा रहे हैं। छात्रों को पढ़ाई के बजाय सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर किया जा रहा है।"

सरकार की विफलता: पीएम ने आरोप लगाया कि जो सरकार अपने सबसे बड़े शैक्षणिक संस्थान को सुरक्षा और शैक्षणिक माहौल नहीं दे सकती, वह बंगाल के युवाओं का भविष्य कैसे सुरक्षित करेगी?

घुसपैठ का मुद्दा: मोदी ने टीएमसी पर भ्रष्टाचार और घुसपैठियों को बसाकर बंगाल की पहचान मिटाने का भी आरोप लगाया।

ममता बनर्जी का जवाब: "यह शिक्षा है, बेइज्जती न करें"

प्रधानमंत्री के भाषण के कुछ ही देर बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जादवपुर यूनिवर्सिटी के छात्रों और उसकी गरिमा का बचाव करते हुए कड़ा बयान जारी किया। उन्होंने कहा:

NIRF रैंकिंग का हवाला: "यह दुखद है कि पीएम उन छात्रों को बदनाम कर रहे हैं जो आपकी ही सरकार की NIRF रैंकिंग में हर साल टॉप पर आते हैं। जादवपुर के छात्रों ने अपनी काबिलियत से जगह बनाई है।"

लोकतंत्र और विरोध: ममता ने स्पष्ट किया कि छात्रों का सवाल पूछना या विरोध करना 'अराजकता' नहीं है, बल्कि यह शिक्षा और लोकतंत्र का हिस्सा है। उन्होंने कहा, "स्टूडेंट्स का प्रोटेस्ट करना डेमोक्रेसी का टूटना नहीं, बल्कि डेमोक्रेसी का चलना है।"

असली अराजकता पर प्रहार: सीएम ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अराजकता वह है जब मणिपुर जल रहा हो और नेतृत्व चुनाव में व्यस्त हो, या जब इंसाफ के बजाय बुलडोजर का इस्तेमाल किया जाए।

चुनावी माहौल में बढ़ी तल्खी

जादवपुर में यह राजनीतिक तकरार ऐसे समय में हुई है जब भाजपा और टीएमसी के बीच मुकाबला बेहद कड़ा है। जहां पीएम मोदी इसे राष्ट्रवाद और सुरक्षा के मुद्दे से जोड़ रहे हैं, वहीं ममता बनर्जी इसे बंगाल की अस्मिता और शैक्षणिक स्वतंत्रता के अपमान के रूप में पेश कर रही हैं।

"प्लीज उस संस्थान को बदनाम न करें जो श्री अरबिंदो जैसे राष्ट्रवादियों से प्रेरित है। बंगाल को बदनाम करना बंद करें।" — ममता बनर्जी

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