मुंबई/नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के डिजिटल बैंकिंग क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए पेटीएम पेमेंट्स बैंक (Paytm Payments Bank) का बैंकिंग लाइसेंस 24 अप्रैल से आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है। केंद्रीय बैंक की इस सख्त कार्रवाई के बाद फिनटेक जगत में हलचल तेज हो गई है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
RBI ने स्पष्ट किया कि यह कठोर निर्णय बैंक द्वारा लगातार नियमों के उल्लंघन और जमाकर्ताओं के हितों को जोखिम में डालने के कारण लिया गया है। बैंक पर मुख्य रूप से दो आरोप लगाए गए हैं:
जमाकर्ताओं को नुकसान: आरबीआई के अनुसार, बैंक का कामकाज जिस तरीके से चलाया जा रहा था, वह जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक साबित हो सकता था।
लाइसेंस नियमों की अनदेखी: पेटीएम पेमेंट्स बैंक को लाइसेंस देते समय जो शर्तें और नियामक मानक तय किए गए थे, बैंक उनका पालन करने में विफल रहा।
शेयर बाजार पर असर
लाइसेंस रद्द होने की खबर के बीच, शेयर बाजार में Paytm (One97 Communications) के शेयरों में गिरावट देखी गई। 24 अप्रैल को कारोबार की समाप्ति पर कंपनी के शेयर 0.5% की गिरावट के साथ 1,153 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए। निवेशकों में इस कार्रवाई को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
ग्राहकों के लिए क्या है स्थिति?
आरबीआई की इस कार्रवाई का मतलब है कि अब पेटीएम पेमेंट्स बैंक नई बैंकिंग गतिविधियों का संचालन नहीं कर पाएगा। हालांकि, जमाकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बैंक समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी करता रहता है।
विशेषज्ञों की राय: जानकारों का मानना है कि बैंकिंग सेक्टर में पारदर्शिता और नियमों की कड़ाई बनाए रखने के लिए आरबीआई की यह कार्रवाई अन्य फिनटेक कंपनियों के लिए एक कड़ा संदेश है।
मुख्य बिंदु:
प्रभावी तिथि: 24 अप्रैल 2026
कारण: बैंकिंग नियमों का उल्लंघन और जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा में चूक।
बाजार प्रभाव: पेटीएम के शेयरों में गिरावट जारी।
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