शेयर बाजार में गिरावट की मार: टॉप-10 में से 7 कंपनियों ने गंवाए ₹2.05 लाख करोड़, TCS को सबसे तगड़ा झटका

आईटी सेक्टर में बिकवाली और वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई | मार्केट कैप में आई कुल गिरावट का 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सा केवल दो दिग्गज कंपनियों—टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और रिलायंस इंडस्ट्रीज के खाते में गया।

26 Apr 2026  |  3

 

मुंबई: पिछला सप्ताह भारतीय शेयर बाजार और देश की दिग्गज कंपनियों के लिए काफी भारी रहा। आईटी सेक्टर में बिकवाली और वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geo-political Tension) के कारण बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसका सीधा असर देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन (mcap) पर पड़ा, जिनमें से सात कंपनियों को सामूहिक रूप से 2,05,343.06 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

TCS और रिलायंस को सबसे ज्यादा चोट

मार्केट कैप में आई कुल गिरावट का 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सा केवल दो दिग्गज कंपनियों—टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और रिलायंस इंडस्ट्रीज के खाते में गया।

TCS: आईटी सेक्टर की इस दिग्गज कंपनी के मार्केट कैप में सबसे बड़ी सेंध लगी। कंपनी की वैल्यूएशन ₹66,699.44 करोड़ घटकर ₹8,67,364.12 करोड़ रह गई।

रिलायंस इंडस्ट्रीज: देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस की मार्केट वैल्यू में ₹50,670.34 करोड़ की कमी आई।

नुकसान झेलने वाली अन्य दिग्गज कंपनियां

बाजार की इस गिरावट ने बैंकिंग और टेलीकॉम सेक्टर को भी प्रभावित किया:

HDFC बैंक: वैल्यूएशन ₹23,090.05 करोड़ कम हुई।

LIC: मार्केट कैप में ₹19,670.75 करोड़ की गिरावट आई।

भारती एयरटेल: ₹19,406.59 करोड़ का नुकसान दर्ज किया गया।

ICICI बैंक: ₹14,663.27 करोड़ की वैल्यूएशन घटी।

L&T: मार्केट कैप ₹11,142.62 करोड़ कम हुआ।

इन तीन कंपनियों ने विपरीत लहर में भी कमाया मुनाफा

जहां एक तरफ बाजार गिर रहा था, वहीं तीन कंपनियों ने निवेशकों को खुश किया। HUL, SBI और बजाज फाइनेंस के कुल मार्केट कैप में ₹48,000 करोड़ से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई:

Hindustan Unilever: मूल्यांकन ₹20,652.91 करोड़ बढ़ा।

State Bank of India: मार्केट कैप में ₹19,522.76 करोड़ का इजाफा हुआ।

Bajaj Finance: वैल्यूएशन ₹8,253.64 करोड़ बढ़ी।

बाजार के गिरने की मुख्य वजहें

पिछले हफ्ते सेंसेक्स 2.33 प्रतिशत और निफ्टी 1.87 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे दो प्रमुख कारण रहे:

जियो पॉलिटिकल टेंशन: पश्चिम एशिया (Middle East) संकट के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी रही, जिससे कच्चे तेल की कीमतें ऊंची रहीं।

IT सेक्टर के कमजोर नतीजे: आईटी कंपनियों की ओर से भविष्य की कमाई के कमजोर अनुमानों ने निवेशकों के सेंटिमेंट को बिगाड़ा।

मार्केट कैप के आधार पर टॉप-5 कंपनियां (वर्तमान स्थिति)

रैंककंपनी का नाममार्केट कैप (करोड़ रुपये में)
1रिलायंस इंडस्ट्रीज17,96,647.50
2HDFC बैंक12,08,225.48
3भारती एयरटेल11,05,718.62
4भारतीय स्टेट बैंक (SBI)10,16,752.53
5ICICI बैंक9,50,345.40

विशेषज्ञों की राय: "ग्लोबल घटनाएं और कच्चे तेल की सप्लाई में संभावित रुकावटें फिलहाल बाजार की दिशा तय कर रही हैं। निवेशकों को आने वाले दिनों में सावधानी बरतने की जरूरत है।"

अन्य खबरें