खरीफ 2026 के लिए उर्वरक भंडार 'बेहतर': सरकार ने दिया पर्याप्त आपूर्ति का भरोसा, नहीं बढ़ेंगे दाम

किसानों के लिए बड़ी राहत—पश्चिम एशिया संकट के बावजूद उर्वरक सुरक्षा मजबूत; मांग के मुकाबले 51% स्टॉक पहले से मौजूद।

11 May 2026  |  72

 

 

नई दिल्ली |  केंद्र सरकार ने सोमवार को देश के किसानों को आश्वस्त किया है कि आगामी खरीफ (गर्मी की बुवाई) सीजन के लिए उर्वरकों की उपलब्धता पूरी तरह से संतोषजनक है। उर्वरक विभाग की अतिरिक्त सचिव अपर्णा एस. शर्मा ने एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया कि वैश्विक चुनौतियों और पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रमों के बावजूद, देश में मिट्टी के पोषक तत्वों की कोई कमी नहीं होगी।

स्टॉक की स्थिति: जरूरत से ज्यादा भंडार

सरकार ने खरीफ 2026 के लिए उर्वरकों की मांग और वर्तमान स्टॉक का विस्तृत ब्यौरा पेश किया है:

कुल जरूरत: कृषि विभाग ने खरीफ 2026 के लिए उर्वरक की कुल आवश्यकता 390.54 लाख टन आंकी है।

वर्तमान भंडार: अपर्णा शर्मा के अनुसार, वर्तमान में मांग का 51 प्रतिशत स्टॉक पहले से ही देश में मौजूद है। सामान्य तौर पर इस समय तक 33 प्रतिशत स्टॉक पर्याप्त माना जाता है, लेकिन इस बार यह काफी अधिक है।

संकट के बाद सुधार: संकट के बाद के दौर में, घरेलू उत्पादन 76.78 लाख टन रहा है, जबकि 19.94 लाख टन उर्वरक का आयात किया गया है। इस तरह कुल 97 लाख मीट्रिक टन उर्वरक सिस्टम में जोड़ा गया है।

कीमतों और वैश्विक खरीद पर अपडेट

सरकार ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय उतार-चढ़ाव का असर किसानों की जेब पर नहीं पड़ेगा:

स्थिर MRP: प्रमुख उर्वरकों के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में कोई बदलाव नहीं किया गया है और कीमतें स्थिर रहेंगी।

वैश्विक सौदे: भारत ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों से 7 लाख टन NPK कॉम्प्लेक्स सुरक्षित कर लिए हैं। इसके अलावा 12 लाख टन DAP, 4 लाख टन ट्रिपल सुपर फॉस्फेट और 3 लाख टन अमोनियम सल्फेट की आपूर्ति भी सुनिश्चित की गई है।

पीक सीजन की तैयारी: अगले 15-20 दिनों में शुरू होने वाले पीक सीजन (बुवाई का मुख्य समय) के लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है।

घरेलू उत्पादन के आंकड़े (मार्च-अप्रैल 2026)

उर्वरक का प्रकारघरेलू उत्पादन (लाख टन में)
यूरिया (Urea)40.72
NPK कॉम्प्लेक्स13.65
SSP8.00
DAP5.39
कुल उत्पादन67.76

सख्त निगरानी और समीक्षा

अतिरिक्त सचिव ने जानकारी दी कि सचिवों का एक अधिकार प्राप्त समूह (Empowered Group of Secretaries) साप्ताहिक आधार पर स्थिति की समीक्षा कर रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि देश के किसी भी हिस्से में उर्वरक की किल्लत न हो और वितरण सुचारू रूप से चलता रहे।

निष्कर्ष:

पश्चिम एशिया में तनाव के चलते वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने की आशंकाओं के बीच, भारत सरकार का यह बयान कृषि क्षेत्र के लिए काफी उत्साहजनक है। पर्याप्त स्टॉक और स्थिर कीमतों के कारण खरीफ सीजन की बुवाई के लिए किसानों का आत्मविश्वास बढ़ेगा।

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