स्वास्थ्य और कृषि का महासंगम: 'सेहत' (SEHAT) मिशन का आगाज़

खेत से थाली तक, अब विज्ञान देगा तंदुरुस्ती की गारंटी। पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान से सुधरेगा देश का स्वास्थ्य; कृषि व स्वास्थ्य मंत्रियों ने साझा मंच से शुरू की पहल

12 May 2026  |  90

 

 

नई दिल्ली: देशवासियों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण सुनिश्चित करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। सोमवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने संयुक्त रूप से राष्ट्रीय मिशन 'सेहत' (Science Excellence for Health Through Agricultural Transformation - SEHAT) को लॉन्च किया। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक ज्ञान और एकीकृत कृषि प्रणालियों के माध्यम से मानव स्वास्थ्य में सुधार करना है।

प्रमुख अनुसंधान संस्थानों का 'विजिट'

यह मिशन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की एक अनूठी संयुक्त पहल है।

साझा जिम्मेदारी: मिशन के लिए अलग से कोई विशेष बजट नहीं रखा गया है; दोनों संस्थान अपने मौजूदा संसाधनों से खर्च उठाएंगे। कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि लक्ष्यों को प्राप्त करने में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

लक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण: मंत्रियों ने सलाह दी है कि दोनों अनुसंधान निकाय लंबी अवधि की योजनाओं के बजाय 'टारगेट-आधारित' दृष्टिकोण अपनाएं।

क्या है 'सेहत' मिशन का मुख्य फोकस?

शिवराज सिंह चौहान ने संस्कृत श्लोकों के माध्यम से भोजन और स्वास्थ्य के संबंध को रेखांकित करते हुए मिशन के पांच मुख्य आधार बताए:

बायोफोर्टिफाइड फसलें: पोषक तत्वों से भरपूर फसलों, स्वस्थ पशुधन और मछली उत्पादों को बढ़ावा देना।

बीमारियों पर प्रहार: कुपोषण, मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए खाद्य-आधारित समाधान विकसित करना।

सुरक्षित आहार: सभी आयु वर्गों के लिए विविध और संतुलित आहार को प्रोत्साहित करना।

श्रमिकों की सुरक्षा: खेतिहर मजदूरों के काम के दौरान होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना।

नैदानिक परीक्षण (Clinical Trials): ICAR द्वारा विकसित 203 बायोफोर्टिफाइड फसलों का ICMR द्वारा परीक्षण कर उनकी वैज्ञानिक प्रमाणिकता सिद्ध करना।

"अब देश के पास पर्याप्त खाद्यान्न है। अब हमारा ध्यान केवल पेट भरने पर नहीं, बल्कि लोगों को पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने और उनके स्वास्थ्य को बढ़ाने पर है।"

शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि मंत्री

पश्चिम बंगाल के लिए बड़े ऐलान

कार्यक्रम के इतर कृषि मंत्री ने पश्चिम बंगाल को लेकर महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक संकेत दिए:

नया कानून: उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार आने पर G RAM G कानून (जो 1 जुलाई से MGNREGA का स्थान लेगा) और अन्य केंद्रीय योजनाओं को लागू किया जाएगा।

फसल बीमा: राज्य में 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' को आगामी खरीफ सीजन से शुरू किया जा सकता है, जो अब तक वहां लागू नहीं हो पाई थी।

गेहूं उत्पादन का रिकॉर्ड अनुमान

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के बावजूद, कृषि मंत्री ने भरोसा जताया कि इस साल गेहूं का उत्पादन पिछले वर्ष के 117.94 मिलियन टन के रिकॉर्ड को पार कर जाएगा। मंत्रालय ने इसके 120.21 मिलियन टन रहने का अनुमान लगाया है।

 

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