खेल डेस्क: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) का एक युवा बल्लेबाज अपनी कड़ाकेदार बल्लेबाजी से महफिल लूट रहा है। गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेले गए सीजन के 60वें मैच में इस बल्लेबाज ने महज 44 गेंदों में नाबाद 82 रनों की मैच जिताऊ पारी खेलकर तहलका मचा दिया। हम बात कर रहे हैं अंगकृष रघुवंशी की, जिनका बल्ला इस सीजन में आग उगल रहा है। लेकिन, मैदान पर दिखने वाले इस कड़क आत्मविश्वास के पीछे नेट्स पर बहाया गया वो पसीना है, जो आम खिलाड़ियों की कल्पना से भी परे है।
वैभव सूर्यवंशी से दोगुनी गेंदों का सामना: कोच नायर का कड़ा इम्तिहान
हाल ही में एक इंटरव्यू में युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के कोच ने बताया था कि वैभव नेट्स पर रोजाना 500 से 600 गेंदें खेलते थे, जो अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा है। लेकिन 16 मई को गुजरात के खिलाफ मिली शानदार जीत के बाद अंगकृष रघुवंशी ने अपनी कामयाबी का जो राज खोला, उसने सबको हैरान कर दिया।
अंगकृष ने बताया:
"बचपन से ही मेरे कोच अभिषेक नायर मुझसे नेट्स पर हर रोज 1000 गेंदें खिलवाते थे। बल्लेबाजी में आज जो भी आत्मविश्वास आपको दिख रहा है, वह उसी कड़े अभ्यास का नतीजा है।"
यानी अंगकृष अपने समकालीन बल्लेबाजों से लगभग दोगुनी गेंदों की प्रैक्टिस रोज करते रहे हैं।
सीजन दर सीजन बढ़ता गया ग्राफ: KKR के इकलौते '400 प्लस' किंग
साल 2024 में आईपीएल डेब्यू करने वाले अंगकृष का ग्राफ हर बीतते साल के साथ आसमान छू रहा है। उनके आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं:
IPL 2024: 10 मैचों में बनाए 169 रन।
IPL 2025: 12 मैचों में जड़े 300 रन।
IPL 2026: इस सीजन में वह अपनी टीम के सबसे बड़े मैच विनर बनकर उभरे हैं।
अंगकृष रघुवंशी इस समय आईपीएल 2026 में KKR के इकलौते ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने 400 से ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने इस सीजन में अब तक खेले 12 मैचों में 146.52 की शानदार स्ट्राइक रेट और 42 से ज्यादा की लाजवाब औसत के साथ 422 रन ठोक दिए हैं। इस दौरान उन्होंने 5 अर्धशतक भी जड़े हैं।
अंगकृष रघुवंशी का अब तक का IPL करियर
| मापदंड | आंकड़े |
|---|---|
| कुल मैच (पारियां) | 34 मैच (30 पारियां) |
| कुल रन | 885 रन |
| करियर स्ट्राइक रेट | 145.55 |
| कुल अर्धशतक | 7 (जिसमें से 5 इसी सीजन में आए हैं) |
| सर्वोच्च स्कोर | 82* रन (बनाम गुजरात टाइटंस, IPL 2026) |
आगे की राह:
नेट्स पर हर दिन 1000 गेंदों का सामना करने की यह जिद बताती है कि अंगकृष सिर्फ एक सीजन के वंडर नहीं हैं, बल्कि वे लंबी रेस के घोड़े हैं। केकेआर के नंबर-1 बल्लेबाज बन चुके रघुवंशी ने अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के दम पर न सिर्फ अपनी टीम को प्लेऑफ की राह पर मजबूत किया है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के रूप में भी अपना दावा ठोक दिया है।