भारतीय कृषि निर्यात में बड़ी कामयाबी: अब वियतनाम के बाजारों में घुलेगी हमारे अंगूरों की मिठास

एपीडा (APEDA) की कोशिशों से वियतनाम ने दी भारतीय अंगूरों को आधिकारिक मंजूरी; सख्त फाइटोसैनिटरी नियमों के साथ खुला दक्षिण-पूर्व एशिया का बड़ा बाजार।

17 May 2026  |  69

 

 

नई दिल्ली। भारतीय कृषि निर्यात के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कार्यरत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने घोषणा की है कि वियतनाम ने भारत से ताजे अंगूरों के आयात को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी 6 मई 2026 से प्रभावी हो चुकी है।

भारत के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और वियतनाम के पादप उत्पादन एवं संरक्षण विभाग (PPD) के बीच हुए इस समझौते को भारत के कृषि व्यापार विस्तार के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।

निर्यात के लिए बेहद सख्त हैं नियम (Phytosanitary Protocols)

वियतनाम के बाजारों में भारतीय अंगूरों की एंट्री जितनी बड़ी खुशखबरी है, उतने ही इसके नियम भी कड़े हैं। निर्यात को सुचारू बनाए रखने के लिए भारतीय निर्यातकों को सख्त 'फाइटोसैनिटरी' (वनस्पति स्वास्थ्य संबंधी) आवश्यकताओं का पालन करना होगा:

पेस्ट रिस्क मैनेजमेंट: अंगूरों के निर्यात के लिए 'सिस्टम अप्रोच' के तहत कीट जोखिम प्रबंधन का पालन करना अनिवार्य होगा।

इन-ट्रांजिट कोल्ड ट्रीटमेंट: परिवहन के दौरान अंगूरों को लगातार 15 दिनों तक 1.1 डिग्री सेल्सियस के पल्प तापमान पर 'इन-ट्रांजिट कोल्ड ट्रीटमेंट' (शीत उपचार) से गुजारना होगा।

दिशानिर्देश जारी: निर्यातकों की सुविधा और नियमों के शत-प्रतिशत पालन के लिए 'फाइटोसैनिटरी इम्पोर्ट रिक्वायरमेंट' (PIR) दस्तावेज सभी हितधारकों के साथ साझा कर दिया गया है।

भारतीय निर्यातकों के लिए रणनीतिक अवसर

वियतनाम में प्रीमियम और ताजे फलों की मांग तेजी से बढ़ रही है, जो भारतीय अंगूर निर्यातकों के लिए बेहद मुनाफे का सौदा साबित हो सकती है। इस नए बाजार के खुलने से भारत को कई रणनीतिक फायदे होंगे:

व्यापारिक लाभविवरण
बाजार का विविधीकरणअब तक भारतीय अंगूर मुख्य रूप से यूरोप और मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) जाते थे, अब दक्षिण-पूर्व एशिया का एक नया और बड़ा विकल्प मिल गया है।
वैश्विक साख में बढ़ोतरीवियतनाम के कड़े मानकों पर खरा उतरकर भारत दुनिया में सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाले फल उत्पादक के रूप में उभरेगा।
द्विपक्षीय संबंधों में मजबूतीइस कदम से भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय कृषि-व्यापार संबंधों को एक नई ऊंचाई मिलेगी।

 

एपीडा (APEDA) की निर्यातकों से अपील

इस ऐतिहासिक सफलता पर एपीडा ने देश के सभी अंगूर निर्यातकों से इस सुनहरे अवसर का पूरा लाभ उठाने का आह्वान किया है। एपीडा ने सर्कुलर जारी कर जोर दिया है कि निर्यातक वियतनाम द्वारा तय किए गए मानकों का कड़ाई से पालन करें। नियमों के प्रति यह अनुशासन न केवल व्यापार को आसान बनाएगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक 'भरोसेमंद सप्लायर' के रूप में भारत की साख को और मजबूत करेगा।

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