ऐतिहासिक गिरावट: रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसला रुपया, पहली बार 1=₹96.35 के पार

मजबूत डॉलर और कच्चे तेल की तपिश ने बढ़ाई घरेलू मुद्रा की बेचैनी; इतिहास में सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ रुपया।

18 May 2026  |  102

 

मुंबई। वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के दोहरे झटके से भारतीय मुद्रा सोमवार को इतिहास के सबसे निचले स्तर पर बंद हुई। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 54 पैसे की भारी गिरावट के साथ 96.35 (अस्थायी) के सर्वकालिक निचले स्तर पर आ गया। यह लगातार दूसरा सत्र है जब रुपये ने गिरावट का नया रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले शुक्रवार को रुपया पहली बार 96 का स्तर पार कर 95.81 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण भारतीय मुद्रा पर दबाव लगातार बना हुआ है।

दिनभर के कारोबार में उतार-चढ़ाव: कैसा रहा रुपये का सफर

सोमवार को बाजार खुलने के साथ ही रुपये में कमजोरी देखी गई।

शुरुआती भाव: रुपया 96.19 प्रति डॉलर के स्तर पर खुला।

दिन का निचला स्तर: कारोबार के दौरान चौतरफा दबाव के चलते यह टूटकर 96.39 के स्तर तक चला गया था।

अंतिम भाव: बाजार बंद होने पर यह पिछले बंद भाव के मुकाबले 54 पैसे टूटकर 96.35 प्रति डॉलर पर टिका।

रुपये में ऐतिहासिक गिरावट के 4 बड़े कारण

कारणप्रभाव
कच्चे तेल में उबालब्रेंट क्रूड वायदा 0.65% बढ़कर 109.97 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिससे भारत का आयात बिल बढ़ने की आशंका है।
भू-राजनीतिक तनावअमेरिका और ईरान के बीच जारी तनातनी से वैश्विक बाजार की धारणा प्रभावित हुई है।
मजबूत डॉलरहालांकि डॉलर सूचकांक में हल्की (0.14%) गिरावट दर्ज की गई और यह 99.14 पर रहा, लेकिन अमेरिकी बॉन्ड यील्ड (प्रतिफल) में बढ़ोतरी से डॉलर मजबूत बना हुआ है।
एफआईआई की निकासीभले ही शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 1,329.17 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की हो, लेकिन कुल मिलाकर वैश्विक अनिश्चितता के कारण बाजार से पूंजी निकासी का डर बना हुआ है।

 

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

"मजबूत डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल (Yield) में बढ़ोतरी के कारण आने वाले दिनों में भी रुपये का रुख कमजोर बना रह सकता है। वैश्विक तनाव और FII की संभावित निकासी इस दबाव को और बढ़ाएगी। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा बाजार में संभावित हस्तक्षेप और सोने-चांदी के आयात पर लगाए गए अंकुश निचले स्तर पर रुपये को सहारा दे सकते हैं। फिलहाल डॉलर के मुकाबले रुपया 96.00 से 96.60 के दायरे में कारोबार कर सकता है।" — अनुज चौधरी, शोध विश्लेषक (मिराए एसेट शेयरखान)

राहत की बात: विदेशी मुद्रा भंडार में रिकॉर्ड उछाल

रुपये की इस ऐतिहासिक गिरावट के बीच देश के मोर्चे से एक अच्छी खबर भी आई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 8 मई को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 6.29 अरब डॉलर बढ़कर 696.98 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इससे पिछले हफ्ते इसमें 7.79 अरब डॉलर की भारी गिरावट आई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी मुद्रा भंडार का यह मजबूत स्तर आरबीआई को रुपये की गिरावट थामने के लिए बाजार में हस्तक्षेप करने की पर्याप्त ताकत देगा।

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