खेती में AI का कमाल: ITCMAARS के 'क्रॉप डॉक्टर' और 'कृषि मित्र' से बदली किसानों की किस्मत, पैदावार में 20% तक का इजाफा

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल टूल्स से सशक्त हो रहे भारतीय किसान; खाद के इस्तेमाल में आई कमी, सालाना आय 25% तक बढ़ी।

19 May 2026  |  52

 

 

नई दिल्ली। भारत इस समय कृषि स्थिरता (Agricultural Sustainability) और खाद्य सुरक्षा की दोहरी चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में आधुनिक डिजिटल और एआई (AI) तकनीकों का समावेश ग्रामीण आजीविका को पूरी तरह बदल रहा है। इस डिजिटल क्रांति के बीच आईटीसी लिमिटेड (ITC Ltd) का डिजिटल एग्रो-इकोसिस्टम 'ITCMAARS' अपने इनोवेटिव एआई टूल्स के जरिए पौधों के स्वास्थ्य की रक्षा करने और किसानों की आय बढ़ाने में एक गेम-चेंजर साबित हो रहा है।

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) द्वारा समर्थित 'अंतर्राष्ट्रीय पादप स्वास्थ्य दिवस' (International Day of Plant Health) के वैश्विक लक्ष्यों के अनुरूप, यह प्लेटफॉर्म भारतीय किसानों को कीटों और बीमारियों से फसलों की रक्षा करने के लिए आत्मनिर्भर बना रहा है।

1. क्रॉप डॉक्टर (Crop Doctor): एआई से पलक झपकते ही बीमारियों की पहचान

ITCMAARS सुपरऐप की सबसे बड़ी ताकत इसका एआई-संचालित 'क्रॉप डॉक्टर' फीचर है। यह टूल फसलों में लगने वाली बीमारियों और कीटों के संक्रमण का तुरंत पता लगा लेता है।

70 मुख्य फसलें शामिल: यह टूल 70 प्रमुख फसलों को कवर करता है और अब तक 3,00,000 से अधिक मामलों में किसानों की मदद कर चुका है।

सटीक और तुरंत समाधान: किसान सिर्फ पौधे की तस्वीर खींचकर ऐप पर अपलोड करते हैं, और एआई टूल उन्हें तुरंत रासायनिक, जैविक या व्यावहारिक उपचार की सलाह दे देता है।

क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध: ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी पहुंच आसान बनाने के लिए यह कई भारतीय भाषाओं में टेक्स्ट (Text) और ऑडियो (Audio) दोनों रूपों में उपलब्ध है।

2. कृषि मित्र (Krishi Mitra): माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर बना एआई को-पायलट

ITCMAARS का एक और शानदार आकर्षण 'कृषि मित्र' है, जिसे टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के सहयोग से विकसित किया गया है।

यह एक 'एआई कृषि को-पायलट' है जो 8 भारतीय भाषाओं में किसानों के हर सवाल का तुरंत जवाब देता है। मौसम के पूर्वानुमान, मंडी भाव से लेकर सरकारी सब्सिडी और उन्नत खेती की तकनीकों तक, इसने अपने शुरुआती दो वर्षों में लगभग 2,00,000 अनोखे सवालों का समाधान कर किसानों को सही समय पर सही फैसले लेने में मदद की है।

डिजिटल खेती के जमीन पर दिख रहे हैं शानदार परिणाम

वर्ष 2022 में लॉन्च हुआ ITCMAARS आज 'फार्मिंग एज ए सर्विस' (FaaS) इकोसिस्टम के रूप में विकसित हो चुका है। वर्तमान में यह भारत के 11 राज्यों में करीब 25 लाख किसानों और 2,100 से अधिक किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) तक पहुंच चुका है। इसके पायलट प्रोजेक्ट्स के परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे हैं:

खाद (उर्वरक) के उपयोग में: 10 से 15 प्रतिशत की कमी आई है।

फसलों की पैदावार में: 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

किसानों की कुल आय में: लगभग 25 प्रतिशत का बंपर इजाफा हुआ है।

मौसम और मिट्टी के अनुसार सटीक प्लानिंग

प्लेटफॉर्म में कई अन्य एआई-संचालित फीचर्स भी शामिल हैं:

क्रॉप कैलेंडर (Crop Calendar): यह 53 फसलों के लिए स्थानीय कृषि-जलवायु डेटा के आधार पर बुवाई और कटाई का सही समय बताता है।

फर्टिलाइजर कैलकुलेटर (Fertiliser Calculator): यह मिट्टी की जांच रिपोर्ट का विश्लेषण कर उतनी ही खाद डालने की सलाह देता है जितनी जरूरत हो, जिससे मिट्टी खराब होने से बचती है।

"जलवायु परिवर्तन के इस दौर में कृषि को लचीला (Resilient) बनाने के लिए फसल के पूरे चक्र में वैज्ञानिक और सुलभ समाधानों की आवश्यकता है। ITCMAARS शुरुआती पहचान और टिकाऊ फसल प्रबंधन के जरिए किसानों की आजीविका को सुरक्षित कर रहा है।" — एस गणेश कुमार, मुख्य कार्यकारी, आईटीसी एग्री बिजनेस डिवीजन

भविष्य का लक्ष्य: 1 करोड़ किसानों तक पहुंच

माइक्रो-ज़ोन एडाप्टेशन और 'क्लाइमेट एआई' टूल के जरिए यह प्लेटफॉर्म 19 राज्यों में 31 लाख एकड़ से अधिक जमीन पर 'क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर' को बढ़ावा दे रहा है। आने वाले वर्षों में आईटीसी का लक्ष्य 10 मिलियन (1 करोड़) किसानों तक इस डिजिटल स्टैक को पहुंचाना है। तकनीक, विशेषज्ञ सलाह और मजबूत पार्टनरशिप का यह संगम भारत में खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण समृद्धि के नए मानक स्थापित कर रहा है।

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