फिल्म फ्लॉप होने पर डिप्रेशन में चले जाते हैं आमिर खान, बोले- ‘यह बच्चे को खोने जैसा दर्द है’

जुनैद खान की फिल्म 'एक दिन' के फ्लॉप होने पर छलका आमिर का दर्द; कहा— फ्लॉप फिल्म का शोक मनाना जरूरी, तभी आगे बढ़ सकते हैं।

21 May 2026  |  58

 

मनोरंजन डेस्क: बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्टनिस्ट' आमिर खान अपनी फिल्मों को परदे पर उतारने के लिए अपनी जान लगा देते हैं। लेकिन जब उनकी कोई फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती, तो इसका उनके दिल पर गहरा असर होता है। हाल ही में आमिर खान के प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनी फिल्म 'एक दिन' बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुई, लेकिन इसे दर्शकों का प्यार नहीं मिल सका। फिल्म के फ्लॉप होने के बाद अब आमिर खान ने बेहद भावुक बयान दिया है और बताया है कि असफलता के बाद उनके दिल पर क्या गुजरती है।

'एक दिन' से था बेटे जुनैद का डेब्यू, पर बॉक्स ऑफिस पर रही नाकाम

सिनेमाघरों में 1 मई को रिलीज हुई फिल्म 'एक दिन' का निर्माण आमिर खान ने किया था। इस फिल्म से उनके बेटे जुनैद खान ने लीड रोल में कदम रखा, और उनके अपोजिट साउथ की मशहूर अभिनेत्री साई पल्लवी नजर आईं। सुनील पांडे के निर्देशन में बनी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी और फ्लॉप साबित हुई।

"फिल्म फ्लॉप होती है, तो दिल टूट जाता है"

'जी म्यूजिक कंपनी' को दिए एक इंटरव्यू में जब आमिर खान से पूछा गया कि वर्षों की मेहनत के बाद जब फिल्म दर्शकों को पसंद नहीं आती, तो रिलीज के शुरुआती 48 घंटों में एक मेकर के तौर पर वे क्या सोचते हैं?

इस पर खुलकर बात करते हुए आमिर ने कहा:

"इससे मेरा दिल पूरी तरह टूट जाता है। आखिरकार हम फिल्म अपनी ऑडियंस के लिए ही बनाते हैं। दर्शक अपना पैसा खर्च करके और टिकट खरीदकर सिर्फ एंजॉय करने आते हैं। कोई भी यह सोचकर सिनेमाघर नहीं जाता कि चलो आज एक बुरी फिल्म देखकर आते हैं। अगर वे निराश हुए हैं, तो इसका मतलब है कि हमारे काम या कम्युनिकेशन में कहीं न कहीं कोई कमी रह गई है, जिसे हमें सुधारना होगा।"

दो-तीन महीने के लिए डिप्रेशन में चले जाते हैं आमिर

आमिर खान ने अपनी फिल्मों से अपने जुड़ाव को बेहद व्यक्तिगत बताते हुए कहा कि फिल्म की विफलता उन्हें गहरे सदमे में डाल देती है।

बच्चे की तरह होती है फिल्म: आमिर के मुताबिक, "मैं तो फिल्म न चलने पर दो-तीन महीने के लिए डिप्रेशन में चला जाता हूँ। आप जो फिल्म बनाते हैं, वो आपके बच्चे की तरह होती है। जब वह रिजेक्ट हो जाती है, तो बहुत ज्यादा दर्द होता है।"

शोक मनाना है जरूरी: आमिर ने आगे एक बहुत ही गहरी बात कही, "मुझे लगता है कि आपको अपने इस नुकसान का शोक (Mourn) मनाना चाहिए। फिल्म का न चलना ऐसा है जैसे आपने अपने बच्चे को खो दिया हो। आपको खुद को वक्त देना चाहिए ताकि वह दर्द आपके सिस्टम से बाहर निकल सके और आप दोबारा खड़े होकर आगे बढ़ सकें।"

आमिर खान का यह बयान दिखाता है कि वे सिनेमा को सिर्फ एक बिजनेस नहीं, बल्कि अपने दिल का एक हिस्सा मानते हैं। उम्मीद है कि आमिर इस सदमे से उबरकर जल्द ही दर्शकों के लिए कुछ नया और ब्लॉकबस्टर लेकर लौटेंगे।

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