बिजनेस डेस्क: "अब वक्त आ गया है कि बिहार की मिट्टी का टैलेंट देश-दुनिया के मैदान पर दिखे..."। वेदांता ग्रुप (Vedanta Group) के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर किया गया यह पोस्ट सिर्फ एक भावुक अपील नहीं, बल्कि भारतीय स्पोर्ट्स बिजनेस में एक बड़े निवेश का संकेत माना जा रहा है। उनके इस बयान के बाद कॉरपोरेट और खेल जगत में यह अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या अब वेदांता ग्रुप भी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में अपनी खुद की 'बिहार फ्रेंचाइजी' खरीदने की तैयारी में है?
अंबानी की मुंबई इंडियंस का नाम लेकर क्या बोले अनिल अग्रवाल?
अनिल अग्रवाल ने अपने पोस्ट में देश के बड़े कारोबारी घरानों की टीमों का जिक्र करते हुए लिखा कि जिस तरह चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी टीमों ने वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है, ठीक उसी तरह बिहार की भी एक दमदार आईपीएल टीम होनी चाहिए।
बिहार के क्रिकेट टैलेंट की तारीफ करते हुए उन्होंने ईशान किशन, युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी और साकिब हुसैन जैसे प्रतिभावान खिलाड़ियों का उदाहरण दिया। उन्होंने मलाल जताते हुए कहा कि बिहार के खिलाड़ियों को अब तक वह पहचान और वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं मिल पाया है, जिसके वे हकदार हैं। अग्रवाल ने खुलकर घोषणा की, "मैं बिहार के युवाओं और वहां की क्रिकेट टीम को अनकंडीशनल (बिना शर्त) सपोर्ट देने के लिए पूरी तरह तैयार हूं।"
हजारों-करोड़ों की विशाल स्पोर्ट्स इकॉनमी बन चुका है IPL
आईपीएल अब सिर्फ मनोरंजन या खेल का जरिया नहीं, बल्कि एक बेहद मुनाफेदार और हाई-रिटर्न देने वाला कॉरपोरेट बिजनेस बन चुका है। 'फैनेटिक स्पोर्ट्स हुरुन इंडिया मोस्ट वैल्युएबल स्पोर्ट्स टीम 2026' की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में आईपीएल फ्रेंचाइजी की वैल्यूएशन में अभूतपूर्व उछाल आया है।
IPL 2026: किस फ्रेंचाइजी की वैल्यू है सबसे ज्यादा?
| फ्रेंचाइजी टीम | अनुमानित वैल्यूएशन (₹ करोड़ में) |
|---|---|
| कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) | ₹19,200 - 22,500 करोड़ |
| मुंबई इंडियंस (MI) | ₹18,400 - 21,700 करोड़ |
| चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) | ₹18,400 - 20,700 करोड़ |
| सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) | ₹17,500 - 18,400 करोड़ |
| दिल्ली कैपिटल्स (DC) | ₹16,600 - 17,700 करोड़ |
| रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) | ₹16,700 करोड़ |
| राजस्थान रॉयल्स (RR) | ₹15,700 करोड़ |
| गुजरात टाइटन्स (GT) | ₹14,000 - 15,800 करोड़ |
| लखनऊ सुपर जायन्ट्स (LSG) | ₹14,000 - 15,600 करोड़ |
| पंजाब किंग्स (PBKS) | ₹12,700 - 15,400 करोड़ |
निवेशकों को मिला 92 गुना तक का बम्पर रिटर्न (Exit Multiple)
रिपोर्ट के आंकड़े गवाह हैं कि जिन निवेशकों ने शुरुआती दौर में या सही समय पर आईपीएल टीमों में निवेश किया, उन्हें बाहर निकलने (Exit) पर हैरान करने वाला मुनाफा मिला है:
लाचलान मर्डोक (राजस्थान रॉयल्स): अपनी हिस्सेदारी बेचने पर 92.1 गुना (92.1x) का ऐतिहासिक रिटर्न मिला।
यूनाइटेड स्प्रिट्स (RCB): निवेश पर 37.2 गुना का मुनाफा कमाया।
ब्लेनहेम चालकोट (राजस्थान रॉयल्स): 24.3 गुना का रिटर्न हासिल किया।
रेडबर्ड कैपिटल (राजस्थान रॉयल्स): 7.8 गुना का रिटर्न मिला।
यही वजह है कि भारतीय कॉरपोरेट जगत अब क्रिकेट और अन्य खेलों को सबसे सुरक्षित और आकर्षक बिजनेस मॉडल के रूप में देख रहा है।
स्पोर्ट्स बिजनेस में भारतीय घरानों का दबदबा
भारत के कई बड़े बिजनेस ग्रुप्स पहले ही मल्टीपल स्पोर्ट्स टीमें खरीदकर इस इंडस्ट्री पर राज कर रहे हैं:
जीएमआर ग्रुप (GMR Group): क्रिकेट, कबड्डी और खो-खो को मिलाकर कुल 10 टीमों के मालिक हैं।
जेएसडब्ल्यू ग्रुप (JSW Group): क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी और कबड्डी में कुल 7 टीमें हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL): वैश्विक क्रिकेट लीग्स को मिलाकर कुल 6 टीमों पर मालिकाना हक है।
आरपीएजी ग्रुप (RPSG Group) व कैपरी स्पोर्ट्स: दोनों घरानों के पास अलग-अलग खेलों की 5-5 टीमें मौजूद हैं।
वेदांता की एंट्री की अटकलें क्यों हैं तेज?
स्पोर्ट्स इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि जिस रफ्तार से आईपीएल के मीडिया राइट्स, डिजिटल व्यूअरशिप और फैन बेस का विस्तार हो रहा है, बीसीसीआई आने वाले समय में नई टीमों की एंट्री पर विचार कर सकता है। हाल ही में बिड़ला ग्रुप द्वारा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को खरीदे जाने की खबरों के बाद कॉरपोरेट होड़ और बढ़ गई है।
ऐसे में अनिल अग्रवाल का यह बयान महज एक सोशल मीडिया पोस्ट नहीं, बल्कि भविष्य में एक नई 'बिहार फ्रेंचाइजी' के लिए बीसीसीआई के सामने मजबूत दावेदारी पेश करने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। अब देखना यह है कि क्या बिहार के युवाओं का यह सपना वेदांता ग्रुप के जरिए सच हो पाता है या नहीं।