गोविंदपुरी डबल मर्डर: 400 कैमरों की पड़ताल के बाद पुलिस को मिले अहम सुराग, दो करीबी रिश्तेदार हिरासत में

सीसीटीवी फुटेज में दिखे संदिग्धों की कद-काठी से खुला राज; 'फैमिलियर एंट्री' के शक पर जांच तेज, आज हो सकता है बड़ा खुलासा।

23 May 2026  |  92

 

नई दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में सनसनी फैलाने वाले मां-बेटे के दोहरे हत्याकांड (डबल मर्डर) को सुलझाने में दक्षिणी-पूर्वी जिला पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। गली नंबर-10 में घर में घुसकर चाकू से गोदकर की गई इस बेरहम हत्या के मामले में पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए दोनों संदिग्ध मृतका के करीबी रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि शनिवार को पुलिस इस खौफनाक वारदात का आधिकारिक पर्दाफाश कर सकती है।

400 कैमरों का जाल और 'अंधेरे में तीर'

वारदात के बाद हत्यारों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। तफ्तीश के दौरान पुलिस को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा क्योंकि:

घटना के आसपास गली नंबर-9 और 10 में लगे 5-6 कैमरों में से 4 कैमरे खराब पाए गए।

इसके बाद पुलिस ने गुरु रविदास मार्ग से लेकर मुख्य गली और उससे जुड़ने वाले रास्तों पर लगे लगभग 400 सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली।

इस गहन पड़ताल के बाद कुल 38 से 40 संदिग्ध लोगों को चिन्हित किया गया।

हुलिए और कद-काठी से हुई संदिग्धों की पहचान

चूंकि कैमरों के फुटेज बहुत ज्यादा साफ नहीं थे, इसलिए चेहरों को स्पष्ट देख पाना मुश्किल था। पुलिस ने वैज्ञानिक और पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल करते हुए परिवार के सभी सदस्यों और रिश्तेदारों की प्रोफाइलिंग की।

ऐसे कसता गया शिकंजा: शॉर्टलिस्ट किए गए 5 से 6 संदिग्धों की कद-काठी और हुलिया मृतका और उनके पति विष्णु साहू के कुछ करीबियों से हूबहू मेल खा रहा था। पुलिस ने शुरुआत में ही आशंका जताई थी कि यह 'फैमिलियर एंट्री' (किसी परिचित द्वारा किया गया अपराध) का मामला है, क्योंकि घर में जबरन घुसने के निशान नहीं थे।

रिश्तेदारों पर शक, लेकिन पति ने किया खारिज

विष्णु साहू के तुगलकाबाद में रहने वाले भाई सुरेश ने भी इस बात की पुष्टि की है कि घटना में एक रिश्तेदार का नाम सामने आ रहा है। हालांकि, इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब मृतका के पति विष्णु साहू ने अपने रिश्तेदारों पर लगे इस शक को सिरे से खारिज कर दिया।

आधिकारिक बयान

"सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पांच-छह संदिग्ध चिन्हित किए गए थे। परिवार और करीबी रिश्तेदारों की जानकारी जुटाने पर इनकी कद-काठी कुछ रिश्तेदारों से मैच कर रही थी। मिले साक्ष्यों के आधार पर दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।" — डॉ. हेमंत तिवारी (पुलिस उपायुक्त, दक्षिणी-पूर्वी जिला)

फिलहाल हिरासत में लिए गए दोनों करीबियों से गुप्त स्थान पर पूछताछ जारी है। पुलिस हत्या के असली मोटिव (वजह) का पता लगाने में जुटी है कि आखिर अपनों ने ही इस खूनी खेल को क्यों अंजाम दिया।

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