तेजस्वी यादव का केंद्र पर तीखा हमला: बोले— "महंगाई की मेलोडी पर NDA के पास कोई रेमेडी नहीं, चौपट हुई अर्थव्यवस्था"

रुपये की ऐतिहासिक गिरावट और बढ़ती बेरोजगारी पर नेता प्रतिपक्ष का करारा प्रहार; प्रति व्यक्ति GDP में बांग्लादेश से भी पीछे होने का लगाया आरोप।

23 May 2026  |  70

 

पटना: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने महंगाई, बेरोजगारी और रुपये की ऐतिहासिक गिरावट को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और बिहार की डबल इंजन सरकार पर करारा हमला बोला है। शुक्रवार को जारी एक कड़े बयान में तेजस्वी यादव ने कहा कि एनडीए (NDA) सरकार की 'विजनलेस' आर्थिक नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है।

"रुपया और सरकार में गिरने की होड़" — पीएम मोदी को याद दिलाया पुराना बयान

तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयानों का हवाला देते हुए उन पर तंज कसा। उन्होंने कहा:

ऐतिहासिक गिरावट: "प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी जी कहते थे कि केंद्र सरकार और रुपये के गिरने के बीच कॉम्पिटिशन चल रहा है कि कौन कितना गिरेगा? आज सचमुच रुपया अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंचकर पूरे एशिया में सबसे कमजोर मुद्रा बन चुका है।"

12 साल में आधी हुई कीमत: तेजस्वी ने दावा किया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में रुपये में लगातार गिरावट का यह आठवां साल है और पिछले 12 वर्षों में रुपया अपनी आधी कीमत खो चुका है।

जीडीपी (GDP) के आंकड़ों पर घेरा: "बांग्लादेश से भी पीछे है भारत"

तेजस्वी यादव ने देश को दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्था बताने के दावों को गुमराह करने वाला करार दिया। उन्होंने आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर अमेरिकी डॉलर में प्रति व्यक्ति (Per Capita) GDP को देखा जाए, तो भारत दुनिया में काफी पीछे है और इस मामले में पड़ोसी देश बांग्लादेश से भी पिछड़ गया है।

तेजस्वी यादव का बयान: "डबल इंजन सरकार में बेरोजगारी, गरीबी और महंगाई 'ट्रबलिंग रेट' (चिंताजनक रफ्तार) से कई गुना बढ़ रही है। देश के सबसे पिछड़े और गरीब राज्य बिहार के वित्तीय हालात तो इस समय सबसे खराब हैं। यहां शासन का संचालन ऐसे हो रहा है मानो सरकार का कोई अस्तित्व ही न हो।"

आम जनता की थाली और जेब पर पड़ी मार

रोजमर्रा की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राशन से लेकर पढ़ाई-दवाई तक सब कुछ आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है:

ईंधन और रसोई: एलपीजी (LPG) गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं।

खेती-किसानी: किसानों के लिए खाद और बीज के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।

घरेलू बजट: राशन, तेल, दाल और दूध जैसी आवश्यक वस्तुएं महंगी होने से रसोई का बजट पूरी तरह चरमरा गया है।

तेजस्वी ने अंत में कहा कि खानपान से लेकर यातायात तक हर चीज महंगी हो गई है, लेकिन एनडीए की इस कथित डबल इंजन सरकार के पास महंगाई की इस 'मेलोडी' को रोकने की कोई 'रेमेडी' (इलाज) या ठोस रोडमैप नहीं है। सरकार को आम जनता की तकलीफों की जरा भी फिक्र नहीं है।

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