क्राइम रिपोर्टर, कानपुर उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक दिल दहला देने वाला और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के एक जवान की मां का डॉक्टरों की कथित लापरवाही के कारण हाथ काटना पड़ गया। इस मामले में कार्रवाई न होने और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा गोलमोल जांच रिपोर्ट देने से नाराज आईटीबीपी के करीब 100 जवानों ने शनिवार सुबह पुलिस कमिश्नर कार्यालय का घेराव कर दिया। परिसर में आईटीबीपी के ट्रकों और 15 से अधिक गाड़ियों के पहुंचते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
सांस की तकलीफ लेकर गई थीं अस्पताल, काटना पड़ा दाहिना हाथ
आईटीबीपी जवान विकास सिंह ने अपनी मां निर्मला देवी को 13 मई की शाम को सांस लेने में तकलीफ होने पर कानपुर के कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। विकास का आरोप है कि लापरवाही के कारण भर्ती होने के महज़ 12 घंटे बाद (14 मई को) उनकी मां के दाहिने हाथ में भयंकर सूजन आ गई।
जब डॉक्टरों ने इसे सामान्य बताया, तो विकास ने अपने साथी जवानों की सलाह पर मां को तुरंत पारस हॉस्पिटल में शिफ्ट कराया। वहां के डॉक्टरों ने बताया कि हाथ में गंभीर संक्रमण (इन्फेक्शन) फैल चुका है, जिसके चलते अपनी मां की जान बचाने के लिए 17 मई को उनका दाहिना हाथ काटना पड़ा।
कटा हाथ लेकर कमिश्नर दफ्तर पहुंचे थे जवान
न्याय के लिए पीड़ित जवान दो दिनों तक रेलबाजार पुलिस और एसीपी कार्यालय के चक्कर काटता रहा, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो वह अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर सीधे पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गया। इस खौफनाक और भावुक कर देने वाले मंजर को देख पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने मामले को गंभीरता से लिया और सीएमओ को तत्काल निष्पक्ष जांच के आदेश दिए।
CMO की ढुलमुल रिपोर्ट पर भड़के पुलिस कमिश्नर
शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय से जांच रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर दफ्तर पहुंची, लेकिन आरोप है कि यह रिपोर्ट डॉक्टरों को बचाने की नीयत से बनाई गई थी।
कमिश्नर की फटकार: पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने सीएमओ की इस ढुलमुल रिपोर्ट को खारिज करते हुए सख्त लहजे में कहा— "स्पष्ट रिपोर्ट दें, संभावनाओं के आधार पर नहीं। मामले में स्पष्ट दोष निर्धारित करें ताकि तत्काल एफआईआर (अभियोग) पंजीकृत की जा सके।"
शनिवार सुबह जवानों का 'एक्शन': CMO को साथ ले गई ITBP की टीम
कमिश्नर की घुड़की के बावजूद जब शनिवार सुबह तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो सुबह ठीक 11:15 बजे आईटीबीपी के 100 से अधिक जवान गाड़ियों का काफिला लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए और परिसर को घेर लिया।
जवानों ने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल और अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) डॉ. विपिन कुमार ताडा से मुलाकात की। पुलिस अधिकारियों से हरी झंडी मिलने के बाद, आक्रोशित जवान मामले की स्पष्ट रिपोर्ट और त्वरित कार्रवाई के लिए सीएमओ को भी अपने साथ ले आए। फिलहाल आईटीबीपी की 5 से 6 गाड़ियां आगे की कार्रवाई के लिए सीएमओ कार्यालय के लिए रवाना हो चुकी हैं और पूरे मामले पर सेना व पुलिस के आला अधिकारी नजर बनाए हुए हैं।