नई दिल्ली/भोपाल, 23 मई: देश में जारी मौजूदा सीजन के तहत केंद्र सरकार की गेहूं खरीद 21 मई तक 33.39 मिलियन टन (mt) पर पहुंच गई है। यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि (29.64 मिलियन टन) के मुकाबले 13 फीसदी अधिक है। हालांकि, सरकार इस साल के अपने तय लक्ष्य (34.5 मिलियन टन) से महज करीब 1 मिलियन टन ही दूर है। पिछले साल देश में 120.21 मिलियन टन का बंपर उत्पादन दर्ज होने के बाद इस बार खरीद के ऊंचे लक्ष्य तय किए गए थे।
मध्य प्रदेश: शुरुआती सुस्ती के बाद 22% का उछाल
इस बार गेहूं खरीद के मामले में सबसे बड़ा उलटफेर मध्य प्रदेश में देखने को मिला। 30 अप्रैल तक राज्य में खरीद पिछले साल के मुकाबले 59% कम चल रही थी। बारदाने (Gunny Bags) की कमी और खरीद केंद्रों की अपर्याप्त तैयारियों के कारण एजेंसियां पिछड़ रही थीं।
लेकिन, विपक्ष और किसान संगठनों के भारी दबाव के चलते सरकार को एक्शन में आना पड़ा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं इस मुद्दे को मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने उठाया। इसके बाद:
अप्रैल के आखिरी हफ्ते में केंद्र ने एम.पी. का खरीद लक्ष्य 7.8 मिलियन टन से बढ़ाकर 10 मिलियन टन कर दिया।
1 से 21 मई के बीच राज्य में रिकॉर्ड 9.2 मिलियन टन गेहूं खरीदा गया (जबकि पिछले साल इसी अवधि में केवल 3.8 मिलियन टन खरीद हुई थी)।
अब तक मध्य प्रदेश में कुल 9.5 मिलियन टन गेहूं खरीदा जा चुका है, जो पिछले साल से 22% अधिक है।
प्रमुख राज्यों में गेहूं खरीद का लेखा-जोखा
| राज्य | अब तक कुल खरीद (मिलियन टन - mt) | पिछले साल की तुलना में बदलाव / स्थिति | विशेष नोट |
|---|---|---|---|
| पंजाब | 12.16 mt | 2% की बढ़ोतरी (लक्ष्य 12.2 mt था) | बेमौसम बारिश के कारण ढीले मानकों (URS) के तहत खरीदा गया। |
| मध्य प्रदेश | 9.50 mt | 22% की भारी बढ़ोतरी | शुरुआती सुस्ती के बाद मई में रिकॉर्ड तेजी आई। |
| हरियाणा | 8.12 mt | लक्ष्य (7.2 mt) से काफी आगे | यहाँ 15 मई को खरीद प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। |
| राजस्थान | 2.03 mt | पिछले साल (1.81 mt) से अधिक | केंद्र ने लक्ष्य बढ़ाकर 2.35 mt किया है। |
| उत्तर प्रदेश | 1.48 mt | पिछले साल (1.02 mt) से बेहतर | केंद्र ने लक्ष्य 1 mt से बढ़ाकर 2.5 mt किया। |
| बिहार | 33,295 टन | 89% का जबरदस्त उछाल | पिछले साल इसी समय 17,609 टन की खरीद थी। |
मौसम की मार: 'ढीले मानकों' (URS) के तहत रखनी पड़ रही है फसल
इस साल मार्च और अप्रैल के महीनों में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं उत्पादक किसानों की चिंताएं बढ़ा दी थीं। भारी नमी, दानों के सिकुड़ने और चमक खोने (Lustre Loss) के कारण गेहूं सामान्य गुणवत्ता मानकों से बाहर हो गया था।
विशेष निर्देश: किसानों को नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने खरीद नियमों में ढील दी है। पंजाब सहित कई राज्यों में 'रिलैक्स्ड स्पेसिफिकेशन' (URS) के तहत गेहूं खरीदा गया है। राज्य खरीद एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि इस गेहूं को सामान्य गेहूं से अलग रखा जाए और इसका हिसाब भी अलग से मेंटेन किया जाए।