भारत-बांग्लादेश सीमा पर हाई-वोल्टेज ड्रामा: तीनबीघा कॉरिडोर के पास तारबंदी पर बढ़ा तनाव, BSF ने सूझबूझ से टाला टकराव

जमीन मापने के दौरान BGB ने जताई आपत्ति; फ्लैग मीटिंग के बाद सीमा पर बढ़ाई गई सुरक्षा, 45 दिनों में फेंसिंग पूरी करने का अल्टीमेटम।

23 May 2026  |  72

 

मेखलीगंज (पश्चिम बंगाल)। भारत-बांग्लादेश सीमा पर तीनबीघा कॉरिडोर से सटे दहग्राम-अंगारपोटा सीमा क्षेत्र में कंटीले तार की बाड़ लगाने (तारबंदी) को लेकर अचानक भारी तनाव उत्पन्न हो गया। सीमा पर भारत की तरफ जमीन मापने का कार्य शुरू होते ही बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) और कुछ बांग्लादेशी नागरिकों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। हालांकि, सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने बेहद संयम और धैर्य का परिचय देते हुए स्थिति को बिगड़ने से बचा लिया और किसी भी तरह के बड़े टकराव को टाल दिया।

 105 एकड़ जमीन पर होनी है तारबंदी, 80 एकड़ पर विवाद

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मेखलीगंज ब्लॉक के सीमावर्ती खुले इलाकों से होने वाली घुसपैठ और तस्करी को रोकने के लिए फेंसिंग का काम पूरा किया जाना बेहद जरूरी है। इसके लिए करीब 105 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की आवश्यकता है।

विवाद की वजह: इस जमीन में से लगभग 80 एकड़ हिस्सा भारत के भीतर स्थित बांग्लादेशी छिटमहल (Enclave) दहग्राम-अंगारपोटा इलाके के पास आता है।

घटनाक्रम: शुक्रवार को जब भूमि एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारी स्थानीय जमीन मालिकों की मौजूदगी में नाप-जोख कर रहे थे, तभी बीजीबी के जवानों ने काम रुकवा दिया, जिससे सीमा पर माहौल गर्मा गया।

 तनाव के बाद फ्लैग मीटिंग, सुरक्षा व्यवस्था होगी और कड़ी

शनिवार को घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय भाजपा विधायक दधिराम राय ने खुद सीमा क्षेत्र का दौरा किया और सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान भारत और बांग्लादेश के सीमा रक्षकों के बीच एक महत्वपूर्ण फ्लैग मीटिंग आयोजित की गई।

फ्लैग मीटिंग में शामिल प्रमुख अधिकारी:

भारत (BSF): 174वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर विनोद सिंह।

बांग्लादेश (BGB): नाजियुर रहमान सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी।

इस बैठक में सीमा पर शांति बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने पर सहमति बनी है।

 स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी, विधायक के कड़े तेवर

इस रुकावट के बाद सीमावर्ती गांवों के निवासियों (विष्णुपद राय और जयनाथ राय) ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि भारतीय जमीन पर विकास और सुरक्षा कार्यों में बार-बार अड़ंगे डाले जा रहे हैं। उन्होंने संकट के समय मुस्तैद रहने के लिए बीएसएफ की तारीफ की।

दूसरी तरफ, बैठक के बाद विधायक दधिराम राय ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ संदेश दिया:

"राज्य सरकार और प्रशासन के निर्देशों के अनुसार अगले 45 दिनों के भीतर इस क्षेत्र में कंटीले तार की बाड़ लगाने का काम हर हाल में पूरा करना होगा। देश की सुरक्षा के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अगर बांग्लादेश की तरफ से दोबारा कोई बाधा आती है, तो उसका सख्ती से सामना किया जाएगा।"

निष्कर्ष: इस घटना के बाद से भारत-बांग्लादेश सीमा के इस संवेदनशील हिस्से पर घुसपैठ, तस्करी और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए बीएसएफ ने गश्त तेज कर दी है और आने वाले दिनों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा किया जा सकता है।

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