राज्यसभा सीट विवाद पर पंजाब में सियासी घमासान: हरभजन सिंह के आरोपों पर AAP का तीखा पलटवार, कांग्रेस ने की जांच की मांग

"बीजेपी के तोते बन गए हैं हरभजन सिंह"— सीट बेचने के आरोपों पर भड़की 'आप', कांग्रेस बोली- "अब खुल गया है राज, दूध का दूध और पानी का पानी हो।"

24 May 2026  |  103

 

 

चंडीगढ़: पंजाब की सियासत में इस समय राज्यसभा सीटों के कथित सौदे को लेकर भूचाल आया हुआ है। भारत के पूर्व दिग्गज ऑफ-स्पिनर और मौजूदा राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह द्वारा आम आदमी पार्टी (AAP) पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद राज्य का राजनीतिक तापमान चरम पर पहुँच गया है। हरभजन सिंह के आरोपों के ठीक एक दिन बाद, शनिवार को 'आप' ने उन पर तीखा पलटवार किया, वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस पूरे मामले में केंद्रीय जांच की मांग ठोक दी है।

'बीजेपी की लिखी स्क्रिप्ट पढ़ रहे हैं हरभजन' — हरपाल चीमा

हरभजन सिंह के आरोपों से तिलमिलाई आम आदमी पार्टी ने उनके दावों को पूरी तरह मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित बताया है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बात करते हुए क्रिकेटर से नेता बने हरभजन सिंह की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए।

"वह चार साल तक चुप क्यों रहे? क्या उन्हें यह बात आज ही याद आई, बीजेपी में शामिल होने के बाद? अब, वह बीजेपी के तोते बन गए हैं और उन्हीं की भाषा बोलेंगे। वह 'आप' को बदनाम करने के लिए बीजेपी के प्रवक्ता के रूप में काम कर रहे हैं और आगे भी ऐसी ही बेबुनियाद कहानियाँ फैलाएंगे।" — हरपाल सिंह चीमा, वित्त मंत्री (पंजाब)

विवाद में कूदी कांग्रेस: प्रताप सिंह बाजवा ने उठाए तीखे सवाल

इस पूरे राजनैतिक घमासान में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए आम आदमी पार्टी और बीजेपी दोनों को कटघरे में खड़ा किया।

सरेआम हुआ सौदा: बाजवा ने लिखा, "अब राज पूरी तरह खुल चुका है। हरभजन सिंह ने खुद खुले तौर पर यह स्वीकार किया है कि राज्यसभा सीट के लिए पैसों का लेन-देन हुआ था।"

जांच की मांग: उन्होंने मांग की कि केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) को तुरंत इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए और हरभजन सिंह को तलब कर पूरे नेक्सस की गहन जांच करनी चाहिए।

जवाबदेही तय हो: बाजवा ने कड़े शब्दों में कहा कि पंजाब की जनता पारदर्शिता की हकदार है, न कि पर्दे के पीछे होने वाले सौदों और राजनीतिक खरीद-फरोख्त की। इतने गंभीर खुलासे के बाद बीजेपी और आप, दोनों ही अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकते।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने हाल ही में अपनी ही पार्टी (AAP) पर एक बेहद संगीन आरोप लगाते हुए सनसनी फैला दी थी। उन्होंने दावा किया था कि पंजाब से राज्यसभा की सीटें बेची गई थीं और इसमें भारी वित्तीय लेन-देन हुआ था। हरभजन सिंह के इस बयान ने विपक्षी दलों को बैठे-बिठाए सरकार को घेरने का एक बड़ा मुद्दा दे दिया है।

आगे क्या? पंजाब की राजनीति में आए इस नए भूचाल ने राज्य सरकार की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि क्या केंद्रीय जांच एजेंसियां इस मामले में हस्तक्षेप करती हैं या फिर यह मामला सिर्फ आगामी चुनावों के लिए एक नया सियासी हथियार बनकर रह जाता है।

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